- अब तक मिल को राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुके 22 पुरस्कार : राजीव प्रसाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सहकारी चीनी मिल करनाल को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी दक्षता में प्रथम पुरस्कार मिला है। ये पुरस्कार चीनी मिल के प्रबंध निदेशक राजीव प्रसाद व अन्य अधिकारियों ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी चीनी मिल प्रसंघ लिमिटेड के समारोह में प्राप्त किया। जिसमें कई मंत्री भी शामिल रहे।
चीनी मिल के प्रबंध निदेशक राजीव प्रसाद ने बताया कि सहकारी चीनी मिल ने 15 नवंबर 2023 को पेराई सत्र 2023-24 शुरू किया था और 11 अप्रैल 2024 तक 49.34 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 4.90 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया था। मिल ने पेराई सत्र में बिना रुकावट के सफलतापूर्वक अपनी क्षमता का उपयोग करते हुए 98 प्रतिशत गन्ने की पेराई प्रतिदिन की। बेहतर तकनीक के उपयोग को देखते हुए सहकारी चीनी मिल ने राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी दक्षता में प्रथम पुरस्कार दिया गया है। अब तक चीनी मिल राष्ट्रीय स्तर पर 22 पुरस्कार हासिल कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि मिल ने किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन टोकन सिस्टम प्रणाली लागू की। जिससे किसान स्वयं अपने गन्ने की ट्रॉलियों पर टोकन लगा लेते हैं। किसानों की सुविधा के लिए मिल ने दो हेल्पलाइन नंबर 9034165736 व 9034165436 जारी किए गए हैं, यदि किसानों को कोई समस्या आती है तो इन हेल्पलाइन नंबरों पर किसान सीधे संपर्क करते हैं। किसान दो से तीन घंटे में अपनी गन्ने से भरी ट्रॉली खाली करके वापस अपने घर चले जाते हैं। अब तक खरीदे गए गन्ने का पूरा भुगतान किसानों को कर दिया गया है।
मिल में स्थापित 18 मेगावाट को.-जन. प्लांट से 351.38 लाख किलोवाट प्रति घंटे बिजली का उत्पादन किया था, जिससे मिल को 22.31 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ और मिल को अतिरिक्त लाभ अर्जित हुआ। सीजन में सहकारी चीनी मिल के गन्ना वार्ड में किसानों के लिए रात्रि के ठहराव व चाय के लिए एक विशेष कैंटीन की व्यवस्था की गई है। अटल मजदूर किसान कैंटीन भी है, जिसमें किसानों को 10 रुपये में भरपेट भोजन दिया जाता है।