संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बाल राजपूतान गांव में बाबा साहेब की जयंती पर जोहड़ वाली जगह पर मंगलवार को लगाए गए उनके चित्र के गायब होने और ध्वज के अपमान पर दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। दलित समाज के लोगों ने गांव के सरपंच सुरजीत और उनके साथियों पर चित्र हटाने और ध्वज उखाड़ने का आरोप लगाया है। सरपंच पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए पुलिस को शिकायत की। धरना दे रहे करीब 40 महिला व पुरुषों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद लोग थाने पहुंच गए। देर रात तक थाने में धरना जारी था।
बाल राजपूतान गांव के रमेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि बाबा साहेब की जयंती पर उन्होंने गांव में उनका चित्र और एक बांस पर ध्वज लगाया था। आरोप है कि गांव के सरपंच सुरजीत अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचकर चित्र को उखाड़कर ले गए। ध्वज का भी अपमान किया। लोग उस जगह पर धरने पर बैठ गए। पुलिस माैके पर पहुंची और समझाया। लोग नहीं हटे तो 40 के करीब महिला व पुरुषों को हिरासत में ले लिया। इससे गुस्साए दलित समाज के लोग भारी संख्या में मूनक थाने पहुंच गए।
डीएसपी गोरखपाल राणा ने बताया कि जिस जगह पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर बाबा साहेब का फोटो व झंडा लगाया गया था, उस जगह पर कोर्ट की ओर से स्टे दिया हुआ है। इसके बाद भी कुछ लोग वहां प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने गांव में तनाव को देखते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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दो साल पहले विवाद के बाद अदालत ने दिया था स्टे
दो साल पहले कुछ लोगों ने गांव में जोहड़ की जगह पर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की मूर्ति लगा दी थी। गांव की पंचायत ने एतराज किया और उन्हें इस स्थान की जगह दूसरे स्थान में स्थापना करने के बारे में कहा। लेकिन पंचायत की बात नहीं मानी गई। मामले को गांव स्तर पर निपटाने के लिए कई बार आसपास के गांव के लोगों की पंचायत भी हुई। पंचायत में मामला न निपटने पर दोनों पक्ष कोर्ट में चले गए। कोर्ट ने जमीन पर स्टे दे दिया था।