शांति पूर्वक जारी रहा आंदोलन, बैठक पर रही नजर
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से आरक्षण की मांग को लेकर बल्ला में जारी धरना पर प्रदर्शनकारियों की नजर आंदोलनकारियों एवं सरकार के बीच चल रही बातचीत पर रही। आंदोलनकारियों और सरकार के बीच पानीपत में होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए पांच ग्रामीणों को नामित किया गया। दिनभर वक्ता मंच के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को ताजा समाचार के लिए अपडेट करते रहे। रविवार को बलिदान दिवस पर रक्तदान करने वाले प्रदर्शनकारियों को सर छोटू राम ग्रामीण जागृति मंच के प्रधान सुरेश मान की ओर से सम्मानित किया गया। 23 मार्च को शहीद भगत सिंह दिवस पर दोबारा से रक्तदान किया जाएगा।
धरना नरसिंह मान की अगुवाई में शुरू हुआ जिसमें प्रदर्शनकारियों ने पानीपत बैठक के लिए पांच आदमियों को अधिकृत किया गया। इस मौके पर सर्वसम्मति से समिति के जिला प्रधान नफे सिंह मान, दिलबाग सिंह जबाला, जोगेंद्र संधू, ईशम सिंह जौली व रामपाल सिंह को अधिकृत किया गया। इसके बाद कमेटी सदस्य सरकार के साथ होने वाली बातचीत के लिए पानीपत रवाना हुए। इस मौके पर समिति के सदस्य बलवान सिंह मान ने कहा कि धरनों में बढ़ रही भीड़ साबित करती है कि उनकी मांग जायज हैं एवं उनकी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। इस मौके पर सर छोटू राम ग्रामीण जागृति मंच की ओर से रविवार को बलिदान दिवस पर रक्तदान देने वाले प्रदर्शनकारियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि दोबारा से 23 मार्च को रक्तदान कर भगत सिंह का शहीदी दिवस मनाया जाएगा।
इस मौके पर रक्तदान सेना की यूनिट को किया जाएगा। काबिलेगौर है कि 19 फरवरी को प्रशासन की ओर से रक्तदान के लिए लगाए गए शिविर में केवल 139 यूनिट लेने में कामयाब रहा था जबकि सैकड़ों युवक स्वास्थ्य विभाग के पास रक्त लेने के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण लाइन में लगने के बावजूद खून नहीं दे सके थे। बलिदान दिवस पर भीड़ के बाद सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने अनाज मंडी बल्ला में चल रहा धरनास्थल को पुराने स्थल पर दोबारा तबदील करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर कई राजनीतिक एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर धरने को समर्थन देने की घोषणा की।