संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए शिकायतकर्ता जसमत पाल की ओर से दायर की गई उपभोक्ता की शिकायत को खारिज कर दिया है। आयोग ने यह निर्णय शिकायतकर्ता की ओर से नोटिस भेजने की आवश्यक प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी न करने के कारण लिया है। आयोग ने कई बार शिकायतकर्ता को दूसरे पक्ष को मामले के नोटिस भेजने के अवसर प्रदान किए लेकिन आश्वासन के बाद भी नोटिस जारी नहीं किया गया।
पिंगली गांव निवासी जसमत पाल ने वर्ष 2023 में नेक्सा (डीडी नेक्सा, नरेला) करनाल मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उन्होंने कंपनी से गाड़ी खरीदी थी लेकिन वाहन में निर्माण संबंधी दोष है। इस मामले में मुख्य शिकायत विपक्षी पार्टी डीडी नेक्सा के विरुद्ध थी। आयोग ने मामले में सुनवाई करते हुए पाया कि शिकायतकर्ता ने विपक्षी पक्ष को नोटिस तामील करवाने के लिए आवश्यक पंजीकृत लिफाफा'''' जमा करने में विफल रहा। वहीं सितंबर 2023 से चल रहे इस मामले में शिकायतकर्ता को कई अवसर दिए गए थे। मामले की इससे पहले हुई सुनवाई में भी शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने दो दिनों के भीतर औपचारिकताएं पूरी करने का आश्वासन दिया था।
इसके बावजूद भी पार्टी ऐसा करने में विफल रही। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्यों नीरू अग्रवाल और सर्वजीत कौर ने की। आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता अब मामले को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं ले रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि 2023 से लंबित इस मामले में आगे और अवसर देना न्यायोचित नहीं है। इसके साथ ही, आयोग ने शिकायत को खारिज करने और फाइल को रिकॉर्ड रूम में भेजने के आदेश जारी कर दिए।