करनाल । डिंगर माजरा -बरसत रोड पर 14 नवंबर की रात को दो ट्रैक्टर चालकों से तीन लाख रुपये लूट की घटना झूठी थी। चालकों ने मालिक के तीन लाख रुपये हड़पने के लिए साजिश रची थी। यह खुलासा पुलिस जांच के दौरान हुआ है। सीआईए वन की टीम ने मामले में पानीपत के गढ़ी बेसक निवासी गुलजार को गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने खुलासा किया कि वह और उसका साथी जुबेर ट्रैक्टर मालिक के तीन लाख रुपये हड़पना चाहते थे। ये राशि ट्रैक्टर ट्रॉली में लदी लकड़ी बेचने से उनको मिली थी। उन्होंने लूट की झूठी वारदात की साजिश रची थी। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी का एक दिन का रिमांड मंजूर किया है। रिमांड के दौरान वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। सीआईए वन इंचार्ज संदीप ने बताया कि पुलिस जांच अधिकारी रोहतास की अध्यक्षता में पुलिस टीम ने आरोपी पानीपत के गांव गढ़ी बेसक निवासी गुलजार को शुक्रवार को गिरफ्तार किया।
यह रची थी कहानी
शिकायतकर्ता गांव गढ़ी बेसक निवासी जुबेर ने घरौंडा पुलिस को शिकायत दी थी कि 14 नवंबर को रात को वह और उसका साथी ट्रैक्टर ट्रॉली में लकड़ी लोड करके यमुनानगर में बेचने के लिए गए हुए थे। लकड़ी बेचने के बाद रास्ते में आते समय डिंगरमाजरा बरसत रोड पर दो बाइकों पर सवार होकर आए चार अज्ञात बदमाशों ने दोनों से तीन लाख रुपये की राशि लूट ली थी। आरोपी ने बताया था कि आरोपियों ने हवाई फायर भी किए थे। शिकायत पर घरौंडा थाना पुलिस ने लूट की धाराओं में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
गुलजार ने बनाई थी योजना
मामले की जांच सीआईए वन को सौंपी गई। टीम ने मामले की गहनता से तफ्तीश करते हुए पाया कि शिकायतकर्ता के साथी गुलजार ने ही लूट का षड्यंत्र रचा गया था, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। लूट में शामिल उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।