माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर जिले में एलपीजी की आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। गैस की बढ़ती कीमतों और सीमित आपूर्ति के कारण कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की सप्लाई पूर्ण रूप से रोक दी है। केवल स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों जैसी आवश्यक संस्थाओं को ही कॉमर्शियल गैस सिलिंडर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस फैसले से जिले के करीब 30 हजार होटल, मोटल, ढाबों, रेस्तरां, मिठाई की दुकानों, कैटरिंग और शादी-समारोह के खाने का इंतजाम करने वाले कनेक्शन धारकों और कारोबारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
दूसरी बड़ी परेशानी ये है कि अब घरेलू गैस सिलिंडर भी 25 दिन के बाद ही बुक कराए जा सकेंगे, ये भी साल में केवल 12 मिलेंगे। इसे लेकर सोमवार को एलपीजी, इंडियल ऑयल, भारत गैस जैसी कंपनियों के पदाधिकरियों की बैठक भी हुई। जिले में विभिन्न कंपनियों की करीब 42 गैस एजेंसियां संचालित हैं। इनके पास 3.01 लाख गैस कनेक्शन दर्ज हैं। इनमें लगभग 35 हजार कॉमर्शियल कनेक्शन हैं, बाकी कनेक्शन घरेलू उपभोक्ताओं के नाम पर हैं। करनाल शहर में करीब 15 हजार कॉमर्शियल गैस कनेक्शन हैं।
सिलिंडरों के दाम भी बढ़े
गैस सिलिंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई है। कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसका रेट 1962.50 रुपये हो गया है। वहीं घरेलू गैस सिलिंडर में 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत 912 रुपये पहुंच गई है।
खाने-पीने के कारोबार पर ज्यादा असर
कॉमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई बंद होने से सबसे ज्यादा असर खाने-पीने के कारोबार पर पड़ने वाला है। होटल, रेस्तरां, ढाबों, हलवाई की दुकानों और कैटरिंग का काम पूरी तरह गैस सिलिंडरों पर निर्भर रहता है। कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो उन्हें कारोबार बंद करने की नौबत तक आ सकती है। शादी-समारोह और बड़े भंडारों में भोजन बनाने की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
घरेलू सिलिंडर भी तुरंत नहीं मिलेगा
सन गैस एजेंसी के संचालक सुभाष गर्ग ने बताया कि अब उपभोक्ता 25 दिन का अंतराल पूरा होने के बाद ही नया घरेलू सिलिंडर बुक करवा सकते हैं। पहले कभी भी साल के 12 सिलिंडर लिए जा सकते थे। ऐसे में कॉमर्शियल सिलिंडर बंद होने और घरेलू सिलिंडर समय से पहले नहीं मिलने के कारण छोटे कारोबारियों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।
कोट्स
डीजल-लक्कड़ से कब तक चलेगा काम : सचिन गुप्ता
बंगला स्वीट्स के मालिक सचिन गुप्ता ने बताया कि सभी पुराना स्टॉक रखते हैं। अब स्टॉक भी खत्म हो गया होगा। अब जब तक डीजल मिलेगा तब तक डीजल भट्टी का इस्तेमाल करना पड़ेगा। इसके बाद लक्कड़ कोयले पर निर्भर रहना पड़ेगा। हलवाई जीत राम कश्यप ने बताया कि ऐसे माहौल में हलवाइयों को दुकानें बंद करनी पड़ेंगी। इस काम के लिए घरेलू सिलिंडर नहीं लगा सकते। डीजल की भी भट्टी ज्यादा दिन तक नहीं चलेगी। डीजल भी महंगा होगा।
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बढ़ी कीमतें वापस ले सरकार
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी की जिला कमेटी ने सरकार से रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है। जिला सचिव जगपाल राणा का कहना है कि बढ़ोतरी से उज्ज्वला स्कीम के गरीब लाभार्थी भी नहीं बचेंगे। लगातार बढ़ती कीमतों और घटती असल आमदनी से लोग परेशान हैं।
वर्जन
कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति और नई बुकिंग दोनों बंद कर दी हैं। मुख्यालय से मिलने वाले निर्देश और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- मुकेश कुमार, डीएफएससी