संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बढ़ती ठंड लोगों के लिए परेशानी बन रही है। नाक से लगातार पानी बहना, तेज खुजली और बार-बार छींक आने से लोग परेशान हैं। तापमान में लगातार गिरावट के चलते जिला नागरिक अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें हर तीसरा मरीज नजला और जुकाम की शिकायत लेकर पहुंच रहा हैं। हालात ऐसे हैं कि सुबह से ही अस्पताल में पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कमरों तक कतार लग रही हैं।
नागरिक अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें हर दिन करीब 10 से 15 बच्चे शामिल हैं। ईएनटी की ओपीडी रोजाना 150 तक पहुंच रही है। बच्चों में नजले की वजह से पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं कामकाजी लोगों को दफ्तर और रोजमर्रा के कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन घनश्याम ने बताया कि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे और बुजुर्ग लोग इस मौसम में जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। ठंडी हवा, सुबह-शाम का कोहरा और अचानक गिरता तापमान नजला-खांसी को बढ़ावा दे रहा है। कई मरीज ऐसे भी सामने आ रहे हैं, जिनमें मामूली नजला कुछ दिनों में साइनस और संक्रमण में बदल रहा है।
- लापरवाही बरतने से हो सकता है साइनस
डॉ. जयवर्धन ने बताया कि नजला-जुकाम को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। लापरवाही बरतने से साइनस, गले का संक्रमण और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। समय पर इलाज और सावधानी जरूरी है। मरीजों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडी चीजों से परहेज करने, खुद से दवा न लेने और लक्षण बढ़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
ध्यान रखेंठंडी हवा से बचें, गर्म कपड़े पहनें
ठंडी चीजें और खुले में ठंडा पानी पीने से परहेज
नजला-खांसी बढ़ने पर खुद से दवा न लें
गर्म पानी का सेवन करें। गरारे करें
अधिक तैलीय और मसालेदर खाना खाने से बचें