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Karnal News: सीएम साहब.. हमारी कॉलोनी की सड़कें बनवा दो, बंद स्ट्रीट लाइटें जलवा दो

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रोष प्रदर्शन करते अल्फा सिटी के लोग संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सीएम साहब... हमारी कॉलोनी की सड़कें बनवा दो, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें जलवा दो। यह गुहार अल्फा सिटी के लोगों ने सोमवार को लगाई। जिले की अल्फा सिटी में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर सिटी वासियों का गुस्सा फूट पड़ा। अल्फा सिटी के 251 लोग एकजुट होकर सामूहिक शिकायत सीएम विंडो में दर्ज कराने पहुंचे। लघु सचिवालय के बाहर उन्होंने प्रदर्शन किया और बिल्डर पर कार्रवाई की मांग भी की।

अल्फा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले हुए प्रदर्शन में कॉलोनी के लोगों ने बताया कि अल्फा सिटी में करीब 1300 परिवार रहते हैं लेकिन सड़क जैसी बुनियादी सुविधा तक उन्हें नहीं मिल पा रही। कॉलोनी की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, बारिश के बाद उनमें पानी भर जाता है और आवागमन मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है।
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महासचिव कुलदीप ने चेताते कहा कि अगर 25 जनवरी तक उनकी समस्या पर सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया तो 26 जनवरी को वे गणतंत्र दिवस नहीं, बल्कि काला दिवस मनाएंगे। जहां भी सरकारी कार्यक्रम होंगे, वहां काले झंडे दिखाकर विरोध जताया जाएगा। सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने बताया कि वे अपनी समस्या को लेकर दो बार विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और विधायक के समक्ष भी रख चुके हैं इसके बावजूद हालात नहीं बदले। ब्यूरो



70 फीसदी स्ट्रीट लाइटें हैं बंद

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कॉलोनी में लगभग 70 फीसदी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों को खासा डर बना रहता है। इसके अलावा गंदा पानी खुले में सड़कों पर छोड़ा जा रहा है, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि इन हालातों में रहना दूभर हो गया है।
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बोले, ऑपरेटर हटाने का लगाया आरोप

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्वक अपनी शिकायत सीएम विंडो में लगाने आए थे लेकिन जान बूझकर सीएम विंडो से ऑपरेटर को हटा दिया गया। सुबह करीब 9 बजे तक सीएम विंडो पर कर्मचारी मौजूद था लेकिन जैसे ही लोगों के पहुंचने की सूचना मिली, उसे हटा दिया गया। लोगों का आरोप है कि यह सब इसलिए किया, ताकि शिकायतें सीएम तक न पहुंच सके। प्रदर्शनकारियों ने इसे प्रशासन और बिल्डर की मिलीभगत करार दिया।
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