घरौंडा। प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर दिल्ली से चंडीगढ़ जाते हुए अचानक करनाल के कोहंड गांव में स्थित दस जमा दो के स्कूल में पहुंच गए। यह देखकर स्कूल के अध्यापक और बच्चे हक्के बक्के रह गए। स्कूल में व्यवस्था देखने पर अध्यापकों से पूछा कि बच्चे बाहर क्यों घूम रहे हैं। अध्यापकों ने बताया कि सर आधी छुट्टी का समय है। फिर सीएम कक्षाओं की तरफ बढ़े तो बेटियां कॉमर्स की कक्षा में बैठी मिली और कक्षाओं को देखकर मुख्यमंत्री को अपने समय की याद आई। बचपन की यादों को सांझा करने के लिए बेटियों से शिक्षा और सामाजिक विषय पर सवाल भी पूछे। विद्यार्थियों ने भी बेझिझक सवालों के जवाब दिए।
मुख्यमंत्री ने सवालों के बीच सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को भी परखा। डिजिटल विषय से लेकर कौशल विकास, सामान्य ज्ञान से लेकर जनहित की कल्याणकारी योजनाओं तक कई सवाल पूछे। उन्होंने मोबाइल पर मैसेज डालने संबंधी विषय को लेकर विद्यार्थियों से पूछा कि क्या उन्हें मैसेज करना आता है? कई विद्यार्थियों ने कहा यस सर। इस पर मुख्यमंत्री बोले जिन्हें नहीं आता उन्हें भी सीख लेना चाहिए चूंकि यह आईटी का जमाना है और नई टेक्नोलॉजी का लाभ उठाएं और स्कूल में मोबाइल न लेकर आएं।
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साइंस के सवाल भी पूछे
मुख्यमंत्री इसके बाद साइंस रूम में गए और हाईड्रोजन के फार्मूले पर भी बच्चों से जानकारी ली। मुख्यमंत्री बेटियों को एक-एक करके गुरु की तरह सवाल पूछते नजर आए और बेटियों ने शिष्यों की तरह जवाब दिए। सीमा, रीना, योगश और सचिन ने कहा कि मुख्यमंत्री को हम अब तक टेलीविजन पर ही देखते थे, लेकिन जब मुख्यमंत्री हमारे बीच में पहुंचे तो हमारे आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं रहा। सीएम मनोहर लाल ने मिड-डे मील के बारे में भी शिक्षकों से बात की तथा स्थिति के बारे में जानकारी ली। सीएम ने निर्देश दिए कि बच्चों को मिड ले मील पूरी तरह साफ सुथरा और गुणवत्ता पर आधारित होना चाहिए।
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लाल बत्ती के गाड़ियां देख अध्यापक व बच्चे आश्चर्यचकित
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर बुधवार को गुरुग्राम से चंडीगढ़ की ओर जा रहे थे तो इसी दौरान लगभग 12.18 बजे उनका काफिला कोहंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की ओर मुड़ गया। लाल बत्तियों वाली गाड़ियों को स्कूल में देख छात्र व स्कूल प्रबंधक हक्के बक्के रह गए। जब गाड़ी से अचानक प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर उतरे तो स्कूल में प्रिंसिपल ओमप्रकाश व स्कूल में फॉगिंग करवा रहे जिला परिषद सदस्य अशोक मित्तल के पास पहुंचे। मुख्यमंत्री कोहंड के सरकारी स्कूल में लगभग बीस मिनट तक रहे और व्यवस्था पर पूरी जानकारी लेते रहे। जब तक सीएम करनाल जिला में रहे तब तक शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों के हलक सूखे रहे। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से कहा कि सरकारी स्कूल के साथ-2 सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई अन्य व्यवस्थाओं पर भी पूरा ध्यान रखें, सफाई व्यवस्था के साथ-2 बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को भी पूरी तरह अमलीजामा पहनाएं। सामाजिक हितों के संरक्षण और संवर्धन में बेटियों का कोई जवाब नहीं।
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इंटरलाक टाइलें लगाने के निर्देश
इस दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री के सामने स्कूल संबंधी समस्याएं रखी। जिस पर मुख्यमंत्री ने स्कूल प्रबंधक को निर्देश दिए कि स्कूल में मिट्टी का लेवल करवाकर इंटरलॉक टाइलें लगवाएं। इसके साथ ही सीएम ने अध्यापकों से नई ऑनलाइन ट्रांसफर नीति के बारे में भी जाना। वहीं, बच्चों ने बताया कि उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाई है। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मोबाइल चलाने की बात भी पूछी तो पहले एक बच्चे ने हाथ उठाया बाद में दूसरे बच्चों ने भी देखादेखी हाथ उठाया।
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घरौंडा के अधिकारियों की फूली सांसें
प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कोहंड स्कूल में अचानक पहुंचने की सूचना घरौंडा के अधिकारियों को मिली तो वे मुख्यमंत्री के आगमन की जानकारी एक-दूसरे अधिकारी से ले रहे थे। मुख्यमंत्री जब तक शहर से नहीं गुजरे, तब तक अधिकारियों की सांसें फूली रही। अचानक सीएम के आने से कई अधिकारी मौके पर ही नहीं पहुंच पाए।
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महिला कॉलेज की मांग
गांव के सरपंच शेरपाल व अन्य ग्रामीणों ने गांव कोहंड में आईटीआई की मंजूरी पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा गांव में लड़कियों के लिए कॉलेज खोलने की मांग की। मुख्यमंत्री ने महिला कॉलेज के लिए जगह का जिक्र किया तो ग्रामीणों ने बताया कि रावमा विद्यालय को गांव की जमीन में शिफ्ट करने के बाद स्कूल की जगह पर महिला कॉलेज बन सकता है।