प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल से मेगा साइक्लोथान की शुरुआत की। इसके साथ ही घोषणा की कि करनाल में हर मंगलवार को कार फ्री डे रहेगा। जिसका मकसद प्रदूषण पर नियंत्रण पाना और लोगों को व्यायाम करने के लिए प्रेरित करना है। हर मंगलवार को कार फ्री डे के संबंध में जिला प्रशासन को निर्देश जारी कर दिए गए है। जल्द इसपर अमल करना है।
हालांकि ये पहली बार नहीं होगा, जब करनाल में कार फ्री डे मनाया जाएगा। करनाल में वर्ष 2015 में पहला कार फ्री डे मनाया गया था। हर मंगलवार को कार फ्री डे की पहला को लागू किया गया था। ये व्यवस्था वर्ष 2017 तक तो चली लेकिन फिर कार फ्री डे मनाया जाना बंद हो गया। फिर कोविड-19 के बाद वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल साइकिल चलाकर सचिवालय पहुंचे थे।
तब उन्होंने सेहतमंद रहने का संदेश देते हुए कार फ्री डे मनाए जाने की घोषणा की थी। तक उन्होंने कहा था कि कम से कम एक दिन लोग डीजल और पेट्रोल के वाहनों पर न चलें. इसकी जगह ई-वाहन का इस्तेमाल करें। साइकिल चलने के साथ पैदल चलें। इससे स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और प्रदूषण भी कम होगा।
22 सितंबर को मनाया जाता है विश्व कार फ्री डे
दुनिया के देशों में प्रदूषण को कम करने के लिए हर साल 22 सितंबर को कार फ्री डे मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य मोटर को आराम औऱ शरीर का व्यायाम है। सिर्फ एक दिन कार न चला कर लाखों टन ईंधन बचाने के साथ ही कार्बन उत्सर्जन को भी काम किया जा सकता है।
करनाल में कार फ्री डे का विरोध भी हुआ था
जब करनाल में पहली बार कार फ्री डे शुरू किया गया तो, इसका विरोध भी हुआ। बाजार में दुकानदारों ने प्रदर्शन करके विरोध जताया। स्कूल जाने के साथ ही नौकरी पेशा और व्यापारी वर्ग को दिक्कत पेश आई थी। असल में कार फ्री डे के दौरान पुलिस ने करनाल के मुख्य बाजार में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया। बाइक के आने जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी।