चंडीगढ़ को लेकर शुरू हुए विवाद पर सीएम मनोहर लाल ने दावा किया कि विवादित मुद्दा उठाने के पीछे पंजाब सरकार का मकसद छिपा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से विस में पास बिल बेमानी। पंजाब सरकार को एसवाईएल पर बात करनी चाहिए।
पंजाब-हरियाणा की चंडीगढ़ को लेकर चल रही रार पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दावा किया है कि इस विवादित मुद्दे को उठाने के पीछे पंजाब सरकार का कोई मकसद छिपा हुआ है। पंजाब की जनता इस मकसद को जल्द समझ जाएगी। फिलहाल हरियाणा सरकार और विपक्ष इस मसले पर एकजुट है। चंडीगढ़ पर हरियाणा और पंजाब दोनों का अधिकार है। इसके साथ ही खट्टर ने कहा कि हरियाणा के पास चंडीगढ़ के साथ ही एक अलग हाईकोर्ट का भी अधिकार है। उन्होंने आप पर भी निशाना साधा।
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सीएम सोमवार को करनाल के घरौंडा विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से इस संबंध में बिल पास करना बेमानी है, हालांकि ये कोई पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले आठ बार विस में बिल पास किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को चंडीगढ़ की जगह एसवाईएल पर बात करनी चाहिए और हरियाणा को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य में 138 संस्कृति मॉडल स्कूल, 650 व्यायामशाला व योगशालाओं का निर्माण कराया गया है। जल्द ही सभी व्यायामशालाओं के लिए एक हजार योग शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। सीएम ने कांग्रेस नेता रहे अशोक तंवर पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग महत्वाकांक्षी होते हैं, जो सत्ता के लिए दर-दर भटकते हैं। लेकिन उनको सत्ता नहीं मिलती है।
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‘क्या थारे गाम्य कदै थारा विधायक भी आवै से कै’
गांव रसीन में सीएम मनोहर लाल पहुंचे तो ग्रामीणों से पूछा कि ‘तुम्हारा विधायक भी कदै गांव में भी आवै सै है या नहीं।’ ग्रामीणों ने कहा कि विधायक हरविंद्र कल्याण उनके हर सुख दुख में शामिल होते हैं, उनकी समस्याओं का निराकरण भी करते हैं।
नशे से दूर रहकर खेलों में रुचि बढ़ाएं युवा
गांव खरकाली व स्टौंडी के हेल्थ वेलनेस सेंटर तथा गांव रसीन में व्यायामशाला के निरीक्षण के दौरान सीएम ने युवाओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ‘गात कै मिट्टी लागेगी तो, गात मजबूत बणेगा।’ उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे जैसी बुराई से दूर रहें और खेलों के प्रति रुचि बढ़ाएं, खेलों से अनुशासन की भावना पैदा होती है।