माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/घरौंडा। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और क्षेत्रीय प्रशासक की टीम ने बुधवार को करनाल और घरौंडा की अनाज मंडियों में आढ़त फर्मों पर जाकर चेकिंग की। जिससे मंडियों में दिन भर खलबली मची रही। घरौंडा में 28, वहीं करनाल में 16 फर्मों की चेकिंग की गई। कुछ फर्मों पर खाद्यान्न का स्टॉक अधिक पाया गया, जिनसे मौके पर जुर्माना वसूला गया है। इसके बाद सभी फर्मों को क्लीनचिट दे दी गई है। देर रात तक मार्केटिंग विभाग के अधिकारी चेकिंग में पकड़ी गई गड़बड़ियों की जानकारी देने से टालमटोल करते रहे।
क्षेत्रीय प्रशासक सुशील मलिक ने मंडी सचिव चंद्रप्रकाश और जिला मार्केटिंग एवं विपणन निरीक्षक ईश्वर राणा ने करनाल अनाज मंडी में आढ़त फर्मों पर जाकर चेकिंग शुरू की। यहां कुल 16 फर्मों की चेकिंग की गई। इसमें 14 फर्मों को तो पहले ही क्लीनचिट दे दी गई। एक फर्म पर 36 क्विंटल सरसों रिकॉर्ड से अधिक पाई गई, जिसका गेटपास नहीं था। इस पर मौके पर सरकारी फीस को भरवाया गया। एक अन्य फर्म के पास 150 क्विंटल रिकॉर्ड से अधिक पाया गया है। इस पर भी जुर्माना व फीस को मौके पर वसूल किया गया।
सचिव चंद्रप्रकाश ने बताया कि मौके पर फीस भरवाने के बाद अन्य कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, घरौंडा नई अनाज मंडी में गेहूं की आवक पिछले वर्षों की भांति बहुत कम आई है। इसी के साथ 28 प्राइवेट एजेंसियों ने भी लगभग एक लाख 70 हजार कट्टों की खरीद की है। जिसको लेकर बुधवार को सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड व क्षेत्रीय प्रशासक की टीम ने प्राइवेट एजेंसियों के स्टॉक को चेक करने के लिए औचक निरीक्षण किया। दोनों टीमों ने लगभग 14 फर्मों का स्टॉक चेक किया। जांच के दौरान कोई खामी नहीं बताई गई है। प्राइवेट एजेंसियों की खरीद से सवाल उठ रहे थे। जिसको लेकर टीम व क्षेत्रीय प्रशासक सुशील मालिक ने अराईपुरा रोड व पनोडी रोड पर छापामारी की। दोनों टीमों ने मौके पर निरीक्षण कर स्टॉक चेक किया। बाद में सभी आढ़तियों को दस्तावेजों के साथ मार्केट कमेटी कार्यालय में बुलाया गया। अधिकारियों के अनुसार कई जगहों पर आढ़तियों के गेहूं का स्टॉक लगाया गया है। जिसकी चेकिंग की गई। टीम ने गेट पास, मार्केट फीस व कट्टों का रिकॉर्ड चेक किया।
मार्केट कमेटी के सचिव अशोक शर्मा ने बताया कि मंडी में सभी कार्य सुचारू चल रहे हैं। बुधवार को सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड व क्षेत्रीय प्रशासक ने लगभग 14 फर्मों के लगे गेहूं के स्टॉक को चेक किया है। किसी भी स्टॉक में खामी नहीं पाई गई है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट एजेंसियों ने लगभग एक लाख 70 रुपये हजार कट्टों की खरीद की है।
सरकारी के बराबर पहुंची प्राइवेट गेहूं की खरीद
करनाल। बुधवार को जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक सिर्फ 48252 क्विंटल रह गई, जबकि 58163 क्व़िटल गेहूं की खरीद की जा सकी है। खास बात ये है कि एमएसपी से बाजार भाव अधिक होने के कारण प्राइवेट खरीद सरकारी खरीद के बराबर पहुंच चुकी है। बुधवार को सरकारी 30559 तो प्राइवेट खरीद 27509 क्विंटल की गई है।
बुधवार को करनाल मंडी में 14003, घरौंडा में 7555, असंध में 4010, तरावड़ी में 7150, इंद्री में 12272, नीलोखेड़ी में 450, निसिंग में 2886, कुंजपुरा में 6044, निगदू में 3045, जुंडला में 748 क्विंटल की खरीद हुई। करनाल अनाज सहित जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में अपेक्षित उठान नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है।
समझाने को बुलाई बैठक में आढ़तियों का हंगामा
माई सिटी रिपोर्टर
घरौंडा। लिफ्टिंग की समस्या के समाधान के लिए मंडी व्यापारियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें आढ़तियों ने प्रशासन से जल्द गेहूं का उठान करवाने की मांग रखी। आढ़तियों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टर के पास पूरी गाड़ियां नहीं हैं, जिस कारण समस्या पनप रही है। अधिकारियों ने सिकंदरपुर गोदाम व नोलथा साइलों में माल भेजने का फैसला लिया। जिसके बाद व्यापारी शांत हुए और अधिकारियों को चेताया कि यदि प्रशासन अपनी बात से मुकरता है तो मंडी में हड़ताल की जाएगी।
मंगलवार को डीएफएससी द्वारा लिफ्टिंग का कार्य बंद किए जाने के बाद मंडी एसोसिएशन ने प्रशासन को बुधवार सुबह 11 बजे तक समस्या के हल का अल्टीमेटम दिया था। जिसके बाद बुधवार सुबह एसडीएम अभय सिंह जांगड़ा व डीएफएससी सुरेंद्र सिंह ने मंडी आढ़तियों के साथ बैठक की। जिसमें आढ़तियों ने जमकर हंगामा किया। मंडी एसोसिएशन के प्रधान विनोद जैन ने अधिकारियों से मंडी से गेहूं के कट्टे जल्द से जल्द उठाने की मांग की। एसडीएम अभय सिंह ने बताया कि मंडी में गेहूं की लिफ्टिंग को लेकर आढ़तियों ने समस्या रखी थी। समस्या का हल हो गया है। मंडी से गेहूं सिकंदरपुर व नॉलथा के साइलो में जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट की दिक्कत की बात सामने आई है। उसका भी हल किया जाएगा। संवाद
सरकार पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल दे मुआवजा
असंध। सरकार द्वारा किसानों को गेहूं की बुआई के दौरान न तो डीएपी उपलब्ध कराई गई, न ही समय पर यूरिया मिला। जिस कारण पैदावार में काफी कमी आई है। इससे किसान को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। इसलिए अब सरकार को किसानों को 500 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देना चाहिए। यह बात विधायक शमशेर सिंह गोगी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। इस दौरान अनिल फफड़ाना, जितेंद्र चौपड़ा, गौरवजीत विर्क, आलम वडैच डेरा गुजराखिया, सुक्रमपाल जयसिंहपुर सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद
आढ़तियों ने की उठान धीमा होने की शिकायत
निगदू। स्वच्छ भारत मिशन के वाईस चेयरमैन सुभाष चंद्र ने निगदू अनाज मंडी में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मैहला के आवास पर आढ़तियों के साथ बैठक की। आढ़तियों ने कहा कि मंडी में गेहूं के कट्टों का उठान बहुत धीमी गति से होने की शिकायत की। आढ़तियों की समस्या को देखते सुभाष चंद्र ने संबंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारी, हैफड डीएम व डीएफएससी से बात कर जल्द उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मौके पर मार्केट सचिव मनोज कुमार, मंडी के व्यापारी सुंदर लाल गुप्ता, विनोद गर्ग, फतेह सिंह चौहान, अग्रवाल सभा के प्रधान महेंद्र गुप्ता, धर्मबीर गोयल, सोहन लाल दुगल, मामचंद आदि मौजूद रहे।