- सवा आठ घंटे चली जांच, कई कर्मचारी नदारद मिले, रिकाॅर्ड कब्जे में लिया
- नदारद रहे कर्मचारियों ने दिया स्पष्टीकरण
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वीरवार सुबह आरटीए कार्यालय में दस्तक दी। इस दौरान कुछ अधिकारी-कर्मचारी नदारद मिले। अचानक टीम पहुंचने से कार्यालय में हड़कंप मच गया। इसके बाद टीम ने आठ घंटे तक कार्यालय में रिकॉर्ड को खंगाला। इस दौरान पुराने रिकॉर्ड को जांच के लिए कब्जे में लिया गया। शाम तक चली जांच के दौरान बाद में अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यालय से अनुपस्थित रहने का लिखित स्पष्टीकरण भी दिया।
आरटीए कार्यालय में दिनभर कार्रवाई का दौर जारी रहा। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के प्रभारी निरीक्षक शिव कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम वीरवार सुबह 09 बजकर 15 मिनट पर आरटीए कार्यालय पहुंची। करीब शाम सवा पांच बजे तक चली जांच में टीम ने कार्यालय के पूरे रिकॉर्ड को खंगाला। रिकॉर्ड के मुख्य बिंदुओं को नोट भी किया। हालांकि कार्रवाई के दौरान कहीं कोई अनियमितता नहीं मिली। जांच टीम ने मुख्य रूप से नकदी और नकदी रिकॉर्ड, टैक्स, चालान, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण व पासिंग के ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के रिकॉर्ड की पड़ताल की। इसके अलावा टीम ने लोगों की रूटीन में आने वाली फाइलों को भी जांचा।
जांच के दौरान डीटीओ भी कार्यालय में उपस्थित नहीं थे, उनके पास कुरुक्षेत्र डीटीओ का अतिरिक्त प्रभार है, ऐसे में वे वहां जरूरी बैठक में गए थे। इसी तरह जो अन्य कर्मचारी सुबह उपस्थित नहीं थे, शाम को उन्होंने भी किसी सरकारी ड्यूटी से कार्यालय से बाहर होने का लिखित स्पष्टीकरण दिया। जांच टीम के अनुसार, विभिन्न जिलों से आरटीए कार्यालय की शिकायतें सरकार के पास आ रही थी, इसी के तहत विशेष ड्राइव चलाकर कई जिलों में जांच की गई है। जांच के दौरान विभाग के रिकॉर्ड, काम करने के तरीके व कर्मचारियों के काम करने का ढंग जांचा गया। विदित हो कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने नगर निगम, आबकारी विभाग, पटवार खाना और शिक्षा विभाग के डाइट कार्यालय में भी ऐसी जांच की थी।
प्रत्येक विंडो से टीम ने लिया रिकॉर्ड
जांच के दौरान सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के प्रत्येक सदस्य ने अलग-अलग विंडो पर होने वाले काम और रिकार्ड की जांच की। इस कार्य में प्रत्येक विंडो पर अलग-अलग सदस्य ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम ने लोगों के बाधित हुए काम को भी चलवाया। आरटीए कार्यालय में कैश, डीएल, आरसी, पासिंग, ऑटो व स्कूल बस संबंधित कार्यों के लिए अलग-अलग विंडो है। जांच टीम ने लोगों से भी बातचीत की।
2017 और 2019 में भी हुई थी कार्रवाई
विभिन्न जिलों में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सरकार की ओर से कई बार जांच कराई गई। इससे पहले नौ अगस्त 2017 और 30 दिसंबर 2019 को भी मुख्यमंत्री उड़नदस्ते का छापा भी करनाल सहित सभी जिलों के आरटीए कार्यालयों में हुआ था। उस समय भी यहां कर्मचारियों के लेट होने के अलावा कोई बड़ी अनियमितता नहीं पाई गई थी। जबकि साल में दो बार ऑडिट भी हो चुका है, इस दौरान भी कुछ सामने नहीं आया।