फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: स्वच्छतम शहर का पुरस्कार मिलने से पहले सफाई चौपट

Wed, 16 Jul 2025 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। नगर निगम करनाल को देश के स्वच्छतम शहरों में शुमार होने पर 17 जुलाई को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने जा रहा है, ऐसे समय पर निगम प्रशासन और सफाई कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। शहर को स्वच्छ बनाने वाले करीब 1055 सफाई कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं। सफाई कार्य ठप होने से मंगलवार को शहर के बाजारों, प्रमुख सड़कों की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई। कई स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए।
विज्ञापन

नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय के सामने धरना देकर दिनभर हरियाणा सरकार और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। निगम अधिकारियों ने कर्मचारी नेताओं से बातचीत कर हल निकालने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारियों ने नहीं आने और मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की करनाल शाखा के प्रधान राम सिंह ढि़ल्लौड़ के आह्वान पर मंगलवार को सभी कर्मचारी सेक्टर-12 स्थित नगर निगम कार्यालय के सामने इकट्ठा रुए। ऑनलाइन हाजिरी से मुक्त करने सहित विभिन्न मांगों के लिए प्रदर्शन किया। धरना शुरू कर दिया। इसमें नपा कर्मचारी संघ की राज्य सचिव शारदा ने कहा कि नगर निगम की आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा के रवैये को देखते हुए हड़ताल को आगे बढ़ाते हुए बेमियादी कर दिया गया है। जब तक सभी कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होता तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य कमेटी का कोई फैसला नहीं आता, तब तक करनाल जिले में कोई भी कर्मचारी ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाएगा।
विज्ञापन

राज्य उप प्रधान वीरभान बिड़लान ने कहा कि करनाल पूरे देश में सफाई के मामले में तीसरे व हरियाणा में प्रथम स्थान पर आया है। इसका श्रेय इन्हीं सफाई कर्मचारी को जाता है, उसके बावजूद भी अधिकारियों ने इन्हीं कर्मचारियों का वेतन रोकने का काम किया है। प्रदेश में कई नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम में समान काम, समान वेतन के जरिए कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है, जबकि करनाल में अभी तक नहीं मिला।




रोजाना निकलता है 230 टन कूड़ा
- शहर से रोजाना 230 टन कूड़ा निकलता है। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण शहर के कई इलाकों में मंगलवार को गंदगी फैली रही। इनमें से कई क्षेत्र तो नगर निगम के पास के हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण शहर के नेहरू पैलेस, कर्ण गेट, पुरानी तहसील, सेक्टर 12 हुड्डा ग्राउंड व इग्रू कार्यालय के बाहर कूड़ा पड़ा रहा।

-

अभी नहीं हुई वैकल्पिक व्यवस्था
- नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अशोक कुमार ने बताया कि हड़ताली कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बात की गई है लेकिन वह ऑनलाइन हाजिरी के लिए तैयार नहीं हैं, जबकि हरियाणा सरकार ने 28 मई, 2025 को ऑनलाइन हाजिरी सुनिश्चित कराने का आदेश दिया था। करीब 50-60 कर्मचारियों ने तो कुछ दिन ऑनलाइन हाजिरी लगाई है, शेष किसी ने नहीं लगाई, इसलिए जून का वेतन जारी नहीं हो सका है। कर्मचारी नेताओं से फिर बातचीत करके समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा।
-


एचएसवीपी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने छोड़ा काम, धरना देकर किया प्रदर्शन
फोटो 52

संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) कर्मचारी यूनियन के चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों ने भी मंगलवार को एचएसवीपी कार्यालय के बाहर धरना देकर विरोध जताया। कार्य बहिष्कार किया, जिसके कारण सेक्टरों में भी सफाई कार्य नहीं हुआ। पार्कों की देखरेख भी ठप रही। इन कर्मचारियों को पिछले 3 महीने का वेतन नहीं मिला है।
एचएसवीपी कर्मचारी यूनियन के सर्कल प्रधान सेवा राम ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं दिया गया, अब उन्हें काम से भी हटाया जा रहा है। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी कहते हैं, बजट के अभाव में उन्हें कर्मचारियों की जरूरत ही नहीं है। इसके साथ ही, बागवानी विभाग के कर्मचारी, जो शहर के पार्कों की सफाई व्यवस्था संभालते हैं, पिछले तीन महीनों से वेतन से वंचित हैं। कई को वेतन नकद में दिया जाता है, जिसकी कोई निश्चित तारीख नहीं है। अगर कोई कर्मचारी छुट्टी लेता है, तो उसका वेतन भी काट लिया जाता है।
समस्या हल न होने तक रोजाना सुबह 9 से 5 बजे तक एचएसवीपी कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर वरिष्ठ उपप्रधान गुरचरण सिंह, उपप्रधान कृष्ण, पवन राणा, प्रवेश, कैशियर सतपाल सिंह, राजकुमार, सीता, ममता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें