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Karnal News: ऑनलाइन निगरानी का दावा... केंद्र में बिना सीसीटीवी के चल रही थी परीक्षा

Sat, 28 Feb 2026 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। हरियाणा बोर्ड की 12वीं कक्षा की राजनीतिक विज्ञान की परीक्षा के दौरान उड़नदस्तों की टीम ने छह केंद्रों पर निरीक्षण किया। इनमें से एक केंद्र डीएवी गर्ल्स वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले। जबकि वहां पर करीब 300 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे और 10 से 12 कमरों में प्रत्येक में 24-24 विद्यार्थी बैठे थे। प्रशासन की ओर से परीक्षाएं शुरू होने से पहले पूरी व्यवस्थाओं के दावे किए गए थे।
शुक्रवार को एसडीएम प्रदीप कुमार और उड़नदस्तों की टीम ने उचाना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, एसडी विद्या बाल मंदिर रामनगर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करनाल, जैन गर्ल्स वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेलवे रोड और टिंबर मार्केट नजदीक डीएवी गर्ल्स वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहित जिले के छह परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। डीएवी स्कूल में उड़नदस्तों और एसडीएम प्रदीप कुमार ने प्रिंसिपल और वहां पर तैनात टीचरों को पूरी निगरानी और सख्ती के साथ परीक्षार्थियों पर नजर रखने की बात कही। निरीक्षण के दौरान किसी भी केंद्र से नकल नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान अन्य पांच केंद्रों पर व्यवस्थाएं सामान्य पाई गईं।
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उड़नदस्तों की टीम ने विद्यार्थियों की बेल्ट, कॉलर, पेपर बोर्ड, कलम, प्रश्नपत्र और रोल नंबर भी चेक किए। जांच में बाकी सब सामान्य मिला। हालांकि, जिले में कुल 50 परीक्षा केंद्रों पर करीब आठ हजार के करीब परीक्षार्थियों ने राजनीतिक विज्ञान की परीक्षा दी। परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू होकर शांतिपूर्वक संपन्न हुई।

- पेपर सामान्य से कठिन
शीतल ने बताया कि पेपर का स्तर सामान्य से थोड़ा ऊपर रहा। विशेष रूप से वैश्वीकरण अध्याय से जुड़े प्रश्नों में केवल परिभाषा लिखना पर्याप्त नहीं था,। प्रश्न हल करना इतना आसान नहीं था।


- बहुविकल्पीय खंड सरल
अभिलाषा ने बताया कि 20 अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्नों में कई प्रश्न सीधे किताब से थे, लेकिन कुछ प्रश्नों के विकल्प इतने मिलते-जुलते थे कि सही उत्तर चुनने में सावधानी रखनी पड़ी।
- अंत में जल्दी पेपर किया
अंजली बोलीं कि अधिक अंकों के उत्तर वाले प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुरूप थे। लोकतंत्र, संविधान और समकालीन राजनीति से जुड़े प्रश्न अपेक्षित थे। अंत में पेपर में जल्दबाजी करनी पड़ी।
- विश्लेषण की आवश्यकता
सलोनी ने कहा कि प्रश्नों में विश्लेषण की आवश्यकता थी। सीधे-सीधे उत्तर देने की बजाय परिस्थितियों को समझकर जवाब लिखना पड़ा। प्रश्नपत्र में समझ को अधिक महत्व दिया गया।



वैश्वीकरण की नहीं थी तैयारी
सुहानी ने बताया कि बहुविकल्पीय और लघु उत्तरीय प्रश्नों में तेजी से काम करना पड़ा, ताकि लंबे प्रश्नों के लिए पर्याप्त समय मिल सके। पाठ 7 के वैश्वीकरण अध्याय की तैयारी नहीं थी।
- जो पढ़कर गए वो नहीं आया
मुस्कान के मुताबिक कुल मिलाकर पेपर संतुलित था, लेकिन कुछ प्रश्न अपेक्षा से अलग ढंग से पूछे गए। पेपर में जो पढ़कर गए उस मुताबिक पेपर नहीं आया। सभी प्रश्न गहराई से पूछे गए थे।
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वर्जन-
नकल को कोई मामला नहीं आया। पूरी निगरानी के साथ नकल रहित परीक्षा संपन्न हुई। उड़नदस्तों की टीम रोजाना विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण भी कर रही है।- अशोक कुमार, परीक्षा अधीक्षक, हरियाणा बोर्ड
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