कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए हत्या आरोपी हवालाती ने हवलदार की आंखों में मिर्च डालकर भागने की कोशिश की लेकिन दूसरे पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे कुछ ही दूरी पर काबू कर लिया।
धरपकड़ में हवालाती को छुड़ाने आया उसका साथी मौका पाकर भाग निकला। पुलिस ने हवालाती के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। अंबाला छावनी के कृष्णा नगर का रहने वाला रणदीप जुलाई से हत्या के आरोप में कुरुक्षेत्र की जेल में बंद था।
कुरुक्षेत्र के सामान्य अस्पताल में ईएनटी डॉक्टर नहीं होने के कारण इलाज के लिए कुरुक्षेत्र पुलिस पांच कैदी व हवालातियों को यहां कल्पना चावला राजकीय अस्पताल लेकर आई थी। इसी दौरान अंबाला निवासी रणदीप ने अपने साथी की योजना अनुसार लघुुशंका जाने का बहाना बनाया।
हवलदार सुशील जैसे ही लघुशंका के लिए लेकर चला तो मेडिकल कॉलेज में पहले से मौजूद रणदीप के साथी ने सुशील की आंखों में लाल मिर्च का पाउडर डाल दिया। आंखाें में पाउडर डालते ही रणदीप अपने साथी के साथ भागने लगा लेकिन अन्य पुलिसकर्मियाें ने रणदीप को मौके पर ही दबोच लिया। मिर्च पाउडर डालने वाला उसका साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
बाद में सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रणदीप व अन्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। सिविल लाइन थाना पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी। उधर, पुलिस सुरक्षा से हवालाती भागने की सूचना मिलने पर पुलिस वालों में हड़कंप मचा रहा।
निजी कंपनी के निदेशक को छह माह की कैद
सरकार को बिना सूचना दिए कंपनी बंद करने और कर्मचारियों को प्रताड़ित करने की नीयत से तबादले करने के 38 मामलों में अदालत ने लिबर्टी कंपनी के निदेशक आदर्श गुप्ता को छह माह की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
निदेशक आदर्श गुप्ता पर आरोप था कि सरकार की अनुमति के बिना ही 2007 में निदेशक ने कंपनी को बंद कर दिया। बाद में निदेशक ने अनुमति की अर्जी लगाई। इसे मार्च 2007 में श्रमायुक्त ने रद्द कर दिया। इसी दौरान निदेशक ने कंपनी में तैनात श्रमिकों का ट्रांसफर कर दिया। ट्रांसफर भी फूसगढ़ व सोनीपत के बड़ी गांव में किया गया, जहां केवल कंपनी की जमीन पर चहारदीवारी बनी हुई थी।
इस मामले में वर्ष 2008 में करनाल के लेबर इंस्पेक्टर ने 72 श्रमिकों के चालान सीजेएम की कोर्ट में पेश किए। इन्हीं में से 38 मामलों की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने निदेशक आदर्श गुप्ता को दोषी करार दिया। शिकायत पक्ष के वकील दिलीप चानना ने बताया कि फैक्टरी को बंद करने के लिए सरकार से अनुमति लेनी होती है।
व्यक्ति ने फंदा लगाकर दी जान
दिमागी रूप से परेशान व्यक्ति ने बुुढ़ाखेड़ा के जंगल में परने का फंदा बनाकर पेड़ से लटककर आत्म हत्या कर ली। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर कार्रवाई की है।
खराजपुर का रहने वाला 50 वर्षीय अमर सिंह पिछले काफी समय से दिमागी तौर पर परेशान था, जिसके चलते उसने शनिवार को बुढ़ाखेड़ा के जंगल में फंदा बनाकर पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। थाना सदर प्रभारी गोरखपाल राणा ने बताया कि परिजनों ने बयान पर कार्रवाई की है।
दहेज प्रताड़ना के आरोप में चार फंसे
निसिंग की एक महिला स्वप्नजीत कौर ने पति सहित चार के खिलाफ दहेज की मांग के लिए मारपीट करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने बताया कि वह फरीदाबाद की रहने वाली है।
उसकी शादी निसिंग निवासी बचित्तर सिंह से शादी डॉट काम के जरिए हुई थी। शादी के करीब दो महीने बाद आरोपी बहला-फुसलाकर उसे मायके छोड़ विदेश भाग गया। उसने अपने ससुराल आकर सारी बातें बताई। उसके परिजनों ने बचित्तर सिंह को विदेश से घर बुला लिया। इसी दिन से ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग के लिए मारपीट करने लगे। महिला ने चार पर जान से मारने की धमकी का भी आरोप लगाया है।
शहीद की पत्नी ने पुलिस पर लगाया पक्षपात का आरोप
बल्ला क्षेत्र के गांव पाढ़ा में दो पक्षों के बीच चल रही आपसी रंजिश मेें 1965 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए कैप्टन की पत्नी ओमपति ने पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
शहीद की पत्नी ने ऐलान किया है कि अगर पुलिस ने उनके परिवार के साथ न्याय नहीं किया तो वे भारत सरकार की ओर से उनके पति के सम्मान में दिए गए वीर चक्र को प्रशासन को लौटा देंगी। इस बाबत शहीद की पत्नी ने परिवार के सदस्यों सहित जिला मुख्यालय पहुंचकर पुलिस के आलाधिकारियों के दरवाजे पर न्याय की मांग की।
प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने से पूर्व शहीद की पत्नी ओमपति ने बताया कि गांव में उनके परिवार का अन्य के साथ विवाद चल रहा है, जिसमें पुलिस दूसरे पक्ष का साथ दे रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार रात पुलिस दो कारों में सवार होकर साढे़ दस बजे पाढ़ा स्थित उनके मकान पर पहुंची और महिलाओं से बदसलूकी करने का प्रयास किया।
असंध के एसएचओ रामकुमार का कहना है कि ओमपति की ओर से पुलिस पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। दूसरे पक्ष की शिकायत पर झगड़े की आशंका को देखते पुलिस पाढ़ा पहुंची थी तो पुलिस पर हमला बोल दिया गया। अधिकारियों से मिलने वालों में जगबीर सिंह, राजबीर सिंह चौहान, कश्मीरी लाल, शमशेर सिंह, राजाराम, सुदेश व मुकेश मौजूद रहे।