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Karnal News: बच्चों को मिलेंगे ओआरएस के पैकेट और जिंक की 14 गोलियां

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। गर्मी के मौसम में डायरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग 16 जून से 31 जुलाई तक बाल दस्त रोको अभियान चलाएगा।
इस 45 दिवसीय विशेष अभियान के तहत पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों वाले घरों में स्वास्थ्य विभाग की टीम दस्तक देगी और बच्चों को दो ओआरएस के पैकेट व 14 जिंक की गोलियां दी जाएंगी। साथ ही ओआरएस का घोल कैसे बनाया जाता है, इसका प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 15 मरीज डायरिया के आ रहे हैं। जिनमें से गंभीर स्थिति वाले मरीजों की संख्या एक या दो होती है।
पिछले सात दिन में सात मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें से दो अभी भी हैं जिनका इलाज किया जा रहा है। बाकी पांच मरीजों का इलाज पूरा हो चुका है। 10 दिन में मिले 110 मरीज ः जिला नागरिक अस्पताल में जून के पहले 10 दिन में ही डायरिया के 110 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से सात से आठ मरीजों को भर्ती करना पड़ा है। वहीं, अस्पताल में डायरिया के मरीजों की संख्या अप्रैल और मई के मुकाबले दोगुनी हो गई है। सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान की थीम है ‘’डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान’’।
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उन्होंने बताया कि देश में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में लगभग 4.8 प्रतिशत मौतें डायरिया के कारण होती हैं। अधिकतर मौतें सही समय पर पहचान और डिहाइड्रेशन के प्रबंधन से रोकी जा सकती हैं। ओआरएस, जिंक सप्लीमेंट और निरंतर पोषण से बच्चों की स्थिति सुधारी जा सकती है।
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साथ ही, डॉ. शशि गर्ग, उप सिविल सर्जन (प्रतिरक्षण एवं बाल स्वास्थ्य) ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत आशा वर्कर घर-घर जाकर ओआरएस और जिंक की गोलियां वितरित करेंगी, साथ ही एमसीपी कार्ड के माध्यम से माताओं और परिवारों को डायरिया से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी।
हर आशा वर्कर पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को दो ओआरएस पैकेट और 14 जिंक की गोलियां वितरित करेंगी।
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