संवाद न्यूज एजेंसी
मधुबन (करनाल)। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने ड्रग कंट्रोलर व स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अवैध क्लीनिक पर संयुक्त रूप से छापा मारा। टीम को मौके से बड़ी मात्रा में सिरिंज, इंजेक्शन और एलोपैथिक दवाइयां मिली हैं। क्लीनिक संचालक के पास किसी तरह का लाइसेंस नहीं है, न ही डॉक्टर की डिग्री है। अधिकारियों ने दवाइयों को सील कर दिया है। वहीं बरामद दवाइयों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। क्लीनिक संचालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि क्लीनिक दो दिन पहले ही खुला था।
मंगलवार देर शाम पुलिस अकादमी के सामने जोगिंदर लाइफ केयर क्लीनिक के नाम से अवैध क्लीनिक चल रहा था। क्लीनिक के बारे में मिली गुप्त सूचना पर सिविल सर्जन करनाल ने डिप्टी सिविल सर्जन नरेश कुमार, एसएमओ कुंजपुरा डॉ. संदीप अबरोल, ड्रग कंटोल अधिकारी रीतू महला व आयुर्वेदिक मेडिकल अधिकारी की टीम का गठन किया। सीएम फ्लाइंग की टीम, ड्रग कंट्रोलर विभाग, स्थानीय पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापामारी की। क्लीनिक संचालक के पास किसी तरह का लाइसेंस नहीं है, न ही डॉक्टर की डिग्री है। ऐसे में यह क्लीनिक पूरी तरह अवैध है और यहां पर रखी एलोपैथिक दवाइयों को गैरकानूनी रूप से बेचा जा रहा था।
छापे में क्लीनिक से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां बरामद हुई हैं।
क्लीनिक में भर्ती मिली मरीज
सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड की टीम ने बताया कि डॉक्टर जोगिंदर बिना लाइसेंस के क्लीनिक और पैथ लैब चला रहा था। छापामारी के दौरान टीम को क्लीनिक में भर्ती एक महिला मरीज भी मिली। जिसको ड्रिप लगाई गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने क्लीनिक में भर्ती महिला को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा है।
नहीं दिखा पाया दस्तावेज
डिप्टी सिविल सर्जन नरेश कुमार ने बताया कि पुलिस अकादमी के सामने एक अप्रशिक्षित डॉक्टर अवैध रूप से क्लीनिक चला जा रहा था। छापे में क्लीनिक से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां मिली हैं, जिन्हें सील कर दिया है। क्लीनिक पर मौजूद व्यक्ति किसी तरह का दस्तावेज नहीं दिखा पाया है। उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है।