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Karnal News: तीन लोगों से 5.28 लाख रुपये की ठगी

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करनाल। साइबर ठगी के मामले कम नहीं हो रहे। अब तीन नए केस सामने आए हैं। जिनमें ठगों ने दो लोगों से पानी का बिल भरवाने व तीसरे व्यक्ति से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 5.28 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पानी का कनेक्शन काटने का दिखाया डर
सेक्टर-4 निवासी राजेश जिंदल ने बताया कि 21 फरवरी को उसके मोबाइल पर कॉल व मैसेज आया। जिसमें उससे कहा गया कि आपका पानी का बिल बकाया है। यदि बिल नहीं भरा तो आपका कनेक्शन काट दिया जाएगा। चाहें तो बिल अभी भर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने उसके व्हाटसएप नंबर पर एक लिंक भेजा। उसे ओपन किया तो मोबाइल में एक एप डाउनलोड हो गया। फिर एप ने बिल भरने के लिए क्रेडिट व डेबिट कार्ड का नंबर मांगा।
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उसने पहले डेबिट कार्ड का नंबर डाला तो उसके बैंक खाते से पहले 35499 रुपये फिर 3599 रुपये कट गए। आरोपियों ने कहा कि आपके कटे हुए रुपये वापस आ जाएंगे आप दोबारा ट्रांजेक्शन करें। इसके बाद उसने दूसरे बैंक के डेबिट कार्ड का नंबर उस एप में डाला तो फिर उसके बैंक खाते से 31966 रुपये, दूसरी बार पांच हजार रुपये व तीसरी बार 42999 व फिर 21999 रुपये कट गए। इस तरह आरोपी ने उससे 1 लाख 89 हजार 60 रुपये की धोखाधड़ी की।
वहीं, सेक्टर-32 निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि 23 फरवरी को उसके पास एक मैसेज आया। जो कि पानी का कनेक्शन काटने का था। उस मैसेज में दवेश जोशी नाम के व्यक्ति का नाम और उसका मोबाइल नंबर लिखा था। जब उसने उस नंबर पर कॉल किया तो उसने बताया कि वह हरियाणा विकास प्राधिकरण से बोल रहा है। पानी का कनेक्शन रिन्यू कराने के लिए सात रुपये का सर्विस चार्ज कटेगा। यह यूपीआई से नहीं डेबिट व क्रेडिट कार्ड से ही देना होगा। उसके बाद उसने मोबाइल पर एक लिंक भेजा। फिर कहा कि लिंक को ओपन करो। उसने डेबिट कार्ड की जानकारी मांगी। इसके बाद बिना ओटीपी बताए उसके खाते से अलग-अलग समय में 1 लाख 3 हजार 966 रुपये ट्रांसफर हो गए।
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ट्रेडिंग के बहाने लगाई चपत
फुसगढ़ निवासी दीप्ति ने बताया कि 18 फरवरी को उसके व्हाट्सएप पर टेड्रिंग को लेकर मैसेज आया। उसके एक एप पर आईडी बनाई गई। जब उसने पहले एक हजार रुपये लगाए तो उसे छह हजार रुपये मिले। इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। उसने ट्रेडिंग के लिए रुपये लगाने शुरू कर दिए। उसने सात हजार, 39 हजार, 40 हजार, 22 हजार रुपये और 22 फरवरी को दोबारा 50 हजार रुपये लगाए। इस तरह अलग-अलग समय में आरोपियों ने 2 लाख 36 हजार रुपये ट्रेडिंग के नाम पर लगा दिए। अब आरोपी उसके रुपये वापस नहीं कर रहे हैं।
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