माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अनाज मंडियों में आढ़ती ही किसानों के साथ धोखा कर रहे हैं। जबकि खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और विधायक तक मंडी का दौरा कर रहे हैं। इसके बावजूद कट्टों में तय वजन से अधिक गेहूं तौला जा रहा है।
करनाल व कुंजपुरा की मंडी में तो 500 से 700 ग्राम तक अधिक गेहूं तौला गया। जबकि घरौंडा की मंडी में डेढ़ किलो तक अधिक गेहूं कट्टों में तौलकर किसानों को चपत लगाई जा रही है। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन की जांच के बाद वीरवार को मंडियों में मुख्यमंत्री उड़नदस्तों ने दबिश दी तो जांच में यह खुलासा हुआ है।
यह हालात जिले की अन्य मंडियों में भी हैं, इससे प्रशासन सतर्क हो गया है। सभी जगह आढ़तियों की जांच की जाएगी। दबिश के दौरान मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने चपत लगाने वाले आढ़तियों का रिकॉर्ड जब्त किया है। करनाल की मंडी में दो आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित हुए हैं।
बुधवार को मामला उजागर करके चपत का आरोप लगाने वाली भारतीय किसान यूनियन ने प्रदेशाध्यक्ष रतन मान के नेतृत्व में लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। उपायुक्त ने मामले की जांच के लिए एडीसी को आदेश जारी कर दिए हैं। जिले की मंडियों में करीब 500 आढ़ती हैं, आरोपों के आधार पर इनकी जांच की जाएगी।
कांटों में छेड़छाड़ ः लघु सचिवालय में भाकियू के शिष्टमंडल में शामिल किसानों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। रतनमान ने कहा कि नापतौल विभाग से पास कराए गए कांटों में बाद में दाना फंसा दिया जाता है, पेंच ढीले कर दिए जाते हैं या अन्य तकनीकी छेड़छाड़ की जाती है। जिससे किसानों को हर कट्टे पर नुकसान झेलना पड़ता है।
शिष्टमंडल में उत्तरी हरियाणा प्रभारी महताब कादयान, कोर कमेटी चेयरमैन यशपाल राणा, जिला चेयरमैन साहब सिंह बाजवा, करनाल खंड प्रधान गुरविंद्र सिंह काली, प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान ने भी आरोप जड़े।
भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने कहा कि मंडियों में किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। अधिकारियों और व्यापारियों ने किसानों को लूटने का नया तरीका निकाला है। सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। किसान अपनी फसल को पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ पका कर मंडी में बेचने के लिए आता है। गेहूं का समर्थन मूल्य पहले ही बहुत कम दिया जा रहा है।