संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दिन में गर्मी और रात में ठंडक से लोगों में जुकाम, गले में खराश की समस्या बढ़ रही है। वायरल बुखार पीड़ित लोगों की सूंघने की क्षमता पर भी असर पड़ रहा है। गंध के साथ स्वाद की क्षमता भी कम हो रही है। पिछले हफ्ते से वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। 70-80 मरीज रोज पहुंच रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को भी करीब 80 मरीज वायरल बुखार के पहुंचे। इनमें से 40 प्रतिशत मरीजों ने चिकित्सकों को इस समस्या के बारे में बताया।
चिकित्सकों का कहना है कि तापमान में तेजी से बदलाव होने के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। इससे वायरल संक्रमण हो रहा है। वायरल बुखार में जुकाम होने पर यह आम होता है कि मरीज के स्वाद और गंध लेने की क्षमता दो से तीन हफ्तों के लिए खत्म हो जाती है। मरीज राजू ने बताया कि उन्हें पिछले दो हफ्तों से खाने की गंध, इत्र, या धुएं जैसी सामान्य खुशबू या बदबू महसूस नहीं हो रही है। डॉक्टर ने इस स्थिति को सामान्य बताया है।
चिकित्सक अधिकारी डाॅ कुलबीर ने बताया कि कई बार मरीज डर भी जाते हैं। लेकिन बुखार में ऐसा आम होता है। बुखार अधिक रहने लगे और दो हफ्तों से अधिक गंध या खाने का स्वाद न आए तो तुरंत डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच करवाएं।
नसें सूज जाती हैं
डाॅ. कुलबीर ने बताया कि वायरल बुखार में वायरस नाक के अंदर की कोशिकाओं पर असर डालता है। नाक के भीतर मौजूद गंध पहचानने वाली नसें सूजन या संक्रमण के कारण प्रभावित होती हैं, तो सूंघने की क्षमता कम हो जाती है। कई बार नाक बंद हो जाने या बलगम की अधिकता भी गंध की पहचान में बाधा डालती है।
डॉक्टर की सलाह
सुबह-शाम के समय बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें
बुखार होने पर पेय पदार्थों नारियल पानी आदि का सेवन अधिक करें
नाक से सांस लें ताकि ठंडी हवा सीधे फेफड़ों तक न जाए
गुनगुना पानी पीएं, फ्रिज का ठंडा पानी से पीने से बचें
रात के समय काढ़ा और नाक बंद होने पर भाप ले सकते हैं
पर्याप्त नींद और पौष्टिक भोजन लें ताकि प्रतिरोधक क्षमता बढ़े
खांसी, गले में दर्द या बलगम की समस्या हो तो खुद से एंटीबायोटिक न लें
बुखार के साथ गंध महसूस न होना लगातार बना रहे तो जांच करवाएं