सेक्टर-14 में सफाई करते कर्मचारी। संवाद
करनाल। गणेश उत्सव के साथ ही शहर में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो गई है। त्योहारों से पहले नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर को साफ-सुथरा करने की है। हड़ताल के दौरान जमा हुआ करीब साढ़े तीन हजार टन कचरा अभी भी शहर की सड़कों पर फैला हुआ है।
निगमायुक्त सलोनी शर्मा के अनुसार इस पूरे कचरे को हटाने में लगभग पांच दिन का समय लग सकता है, हालांकि लगातार बढ़ते कचरे ने अभियान की रफ्तार पर दबाव बढ़ा दिया है। शनिवार और रविवार को निगम और एजेंसी की टीमों ने मिलकर करीब 500 मीट्रिक टन कचरा उठाया, लेकिन इसी दौरान नए कचरे का दबाव भी बढ़ता गया।
निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर में जहां-जहां कचरा जमा है, उसे प्राथमिकता के आधार पर तत्काल उठाया जाए। चारों जोनों में निगम की टीमें और निजी एजेंसी सुगम स्वच्छता प्राइवेट लिमिटेड को पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतारा गया है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था भी फिर से शुरू कर दी गई है, ताकि स्थिति को सामान्य किया जा सके।
सफाई अभियान के तहत नालों की सफाई के साथ-साथ मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर फॉगिंग और चूना छिड़काव भी किया जा रहा है। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर निगम की टीमें रविवार को भी मैदान में सक्रिय रहीं और छुट्टी के दिन भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया। निगम का पूरा फोकस फिलहाल जमा कचरे के त्वरित उठान, डोर-टू-डोर कलेक्शन को सुचारू करने और शहर को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाने पर है।
कर्मचारी यूनियन के प्रधान राजकुमार ने दावा किया कि शहर को जल्द ही पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। हालांकि बढ़ता कचरा और त्योहारों की भीड़ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है।