संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। चैत्र पूर्णिमा का व्रत एक अप्रैल को रखा जाएगा। स्नान और दान 2 अप्रैल को किया जाएगा। पूर्णिमा तिथि एक अप्रैल की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 2 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। इस दिन हनुमान, सत्यनारायण पूजा और स्नान-दान का विशेष महत्व है।
श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री के अनुसार, इस बार चैत्र पूर्णिमा पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं। एक अप्रैल को सुबह 6 बजकर 11 मिनट से शाम चार बजकर 17 मिनट तक रवि योग रहेगा। दोपहर चार बजकर 17 मिनट से अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, इसके अलावा वृद्धि और ध्रुव योग का भी प्रभाव रहेगा।
उन्होंने बताया कि चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। सत्यनारायण कथा सुनना और चंद्रमा को दूध मिले जल से अर्घ्य देना शुभ होता है। हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त स्नान : सुबह 4 बजकर 39 मिनट से 5 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
सत्यनारायण पूजा : सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक।
अमृत काल : सुबह 8 बजकर 48 मिनट से 10 बजकर 28 मिनट तक।
विजय मुहूर्त : दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त : शाम 6 बजकर 38 मिनट से 7 बजकर 1 मिनट तक।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
चंद्र अर्घ्य और लक्ष्मी पूजा : शाम 6 बजकर 39 मिनट तक होगी।