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कुर्सी घोटाला : अधिकारी बचे, अब सीएचसी कर्मचारी पर होगी कार्रवाई

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नगर पालिका असंध में चर्चित कुर्सी घोटाले में हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत कार्यरत सुपरवाइजर अमित कुमार के बाद तरावड़ी सीएचसी के कर्मचारी राजेश पर गाज गिरेगी। नगर आयुक्त ने शहरी स्थानीय निकाय निदेशक को पत्र लिखकर कर्मचारी की सेवाएं समाप्त करने की अनुशंसा की है। राजेश का नाम ठेकेदार के तौर पर सामने आया है। जांच और कार्रवाई की इस प्रक्रिया के बीच बड़े अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच कमेटी ने सवाल उठाया है कि राजेश सरकारी विभाग में कार्यरत होते हुए भी ठेकेदारी का काम कैसे करता सकता है। कहा है कि राजेश भी इस घोटाले में दोषी है। उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार का न तो घोटाला कर सके और न ही विभाग का नाम खराब हो पाए।
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जिला नगर आयुक्त डाॅ. वैशाली शर्मा ने बताया कि मुख्यालय को पत्र लिखकर जूनियर इंजीनियर, नगर पालिका अभियंता के खिलाफ चार्जशीट जारी करने की अनुशंसा की गई है। साथ ही संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट (प्रतिबंधित) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मामले में अब तक किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। प्रकरण में फाइलों पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी अभी तक बचे हुए हैं। नगर पालिका अभियंता का तबादला अंबाला हो चुका है। जांच के दौरान उनके तबादले पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा:
घोटाले के मामले में जिला नगर आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने उप निगमायुक्त अभय सिंह, तकनीकी सलाहकार महिपाल सिंह, वरिष्ठ लेखा अधिकारी बलविंद्र कुमार और सहायक अभियंता प्रेम सिंह की कमेटी बनाई। कमेटी ने जांच रिपोर्ट में सामने आया कि नगर पालिका ने करीब ढाई साल पहले लक्ष्य कंस्ट्रक्शन सोसाइटी को स्टील कुर्सियों का टेंडर दिया था। जिसमें 50 किलोग्राम भार वजनी 214 स्टील की कुर्सियां 396 रुपये प्रति किलो एवं प्रति कुर्सी के हिसाब से टेंडर हुआ। ये रकम 42.37 लाख रुपये की बनी। जांच में कुर्सियाें का वजन 30 से 32 किलोग्राम मिला। यानी प्रति कुर्सी करीब 20 किलो वजन कम मिला। यानी इस मामले में करीब 15 से लेकर 17 लाख रुपये का घोटाला किया गया। हालांकि घोटाले के सुर्खियों में आते ही कुर्सियों को हटवा लिया गया।
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मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर शहरी स्थानीय निकाय और हरियाणा रोजगार कौशल निगम पंचकूला को पत्राचार कर दोषी कर्मचारी अमित के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। -डॉ. वैशाली शर्मा, आयुक्त, नगर निगम
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