किसी ओर के स्थान पर सीईटी देते हुए पकड़ा गया युवक।
करनाल। सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) देने के लिए सॉल्वर नहीं पहुंचा तो अभ्यर्थी प्रवेशपत्र पर फोटो बदलकर खुद केंद्र में परीक्षा देने जाने लगा। प्रवेशपत्र में फोटो का सही मिलान न होने पर संदेह हुआ। पुलिस की जांच में गड़बड़ी पकड़ में आ गई। जींद के रूपगढ़ निवासी अभ्यर्थी राकेश और सॉल्वर जींद निवासी भगत सिंह को पुलिस ने रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को अदालत से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सीआईए-2 के प्रभारी प्रवीन ने बताया कि जींद के रूपगढ़ निवासी राकेश और उसके पांच साल पुराने दोस्त भगत सिंह ने सीईटी के लिए आवेदन किया हुआ था। रविवार को हुई परीक्षा में राकेश का परीक्षा केंद्र करनाल में आरएस पब्लिक स्कूल में आया। राकेश पढ़ाई में कमजोर था तो उसने अपनी जगह परीक्षा में बैठाने के लिए भगत सिंह को मनाया हुआ था। प्रवेशपत्र पर भगत सिंह का फोटो लगाया हुआ था।
परीक्षा के समय पर भगत सिंह मौके पर नहीं पहुंचा तो वह खुद ही परीक्षा देने चला गया। केंद्र में जांच टीम को उसकी फोटो पर संदेह हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की पूछताछ में नाकाम फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। दोनों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद राकेश को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके जींद निवासी साथी भगत सिंह को पुलिस ने कैथल से गिरफ्तार किया।
पास होने पर राकेश इनाम में देता रकम
पुलिस के अनुसार पूछताछ में उन्होंने बताया कि भगत सिंह के सॉल्वर के रूप में बैठने पर राकेश परीक्षा में पास हो जाता है तो वह इनाम के तौर पर रुपये। इसी तैयारी के साथ प्रवेशपत्र पर भगत सिंह का फोटो लगाया गया था लेकिन मौके पर परीक्षा देने वह नहीं आया।
मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दोनों आरोपियों के मोबाइल व अन्य दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि खुलासा हो सके कि क्या पहले भी ये किसी और संदिग्ध गतिविधि में शामिल रहे हैं। - प्रवीन, प्रभारी, सीआईए-2