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-केंद्रीय मंत्री पासवान और सीएम ने ई खरीद प्रणाली का वेब पोर्टल व मोबाइल ऐप किया लांच

Wed, 28 Sep 2016 01:37 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
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ई खरीद पोर्टल का शुभारंभ करते सीएम मनोहर लाल व केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान - फोटो : amar ujala
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 प्रदेश में धान की खरीद का कार्य मंगलवार से ही शुरू कर दिया गया है। सभी प्रकार के धान एफसीआई सहित प्रदेश सरकार की एजेंसियां निर्धारित मूल्यों और मापदंड के अनुसार खरीदेंगी। ये बातें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान ने मंगलवार को करनाल की अनाज मंडी में ई-खरीद प्रणाली का वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप लांच करने के बाद जनसभा में कहीं। 
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उन्होंने कहा कि खरीद एक अक्तूबर से की जानी थी, लेकिन प्रदेश के किसानों की सुविधा को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश की सभी मंडियों में धान की खरीद का कार्य तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया गया है। 
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जल्द ही देश में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने वाला एक कानून बनाया जाएगा। इसके तहत देश के सभी उपभोक्ताओं को तय मापदंडों के आधार पर दैनिक जरूरतों और रोजमर्रा का सामान दिलवाना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से जमाखोरों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद दाल की कीमतों में कमी आ गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान की भाजपा सरकार बाबा साहब अंबेडकर की ओर से दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए गरीब के आंसू पोंछने वाली पहली ऐसी सरकार है। 
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किसान की मजबूरी का फायदा न उठाएं आढ़ती : सीएम 
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ई-खरीद प्रणाली को किसान, व्यापारी, आढ़ती के साथ-साथ आम जनता व सरकार के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि ई- प्रणाली से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सफलता मिली है। 

उन्होंने किसानों व आढ़तियों से ई-खरीद प्रणाली को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की फसल निर्धारित मापदंड के तहत खरीदी जाए। किसानों से अनुरोध किया कि धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक न हो, इसमें किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को भी फायदा है। मुख्यमंत्री ने यह बात भी कही कि धान में नमी की मात्रा अधिक होने का निर्धारण किया जाए और उसी के आधार पर कटौती की जाए। इस मौके पर उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण केंद्रीय राज्य मंत्री सीआर चौधरी ने किसानों को ई-खरीद प्रणाली के माध्यम से राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ने का आह्वान किया। इस मौके पर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, राज्य मंत्री कर्णदेव कांबोज, चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत, एसीएस एसएस प्रसाद, मुख्य प्रशासक हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड डॉ.जे.गणेशन सहित विधायक नीलोखेड़ी भगवानदास कबीरपंथी, ओएसडी अमरेंद्र सिंह, मेयर रेणूबाला गुप्ता मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री से ई खरीद पोर्टल का उद्घाटन, सारा काम होगा मैनुअली 
देश और प्रदेश में ई खरीद पोर्टल केंद्रीय मंत्री और सीएम के हाथों शुरू किया गया, लेकिन अहम बात यह है कि करनाल सीएम सिटी की मंडी में ही बुधवार से खरीद का सारा काम मैनुअली होगा। यह खुद करनाल आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी व अन्य आढ़ती कह रहे हैं। ऐसे में किसानों के लिए ई खरीद और सीधे अकाउंट में केवल सपना ही रह जाएगा। ऐसे में अकेले करनाल ही नहीं जिले की अन्य मंडियों में आढ़ती ई खरीद को अपनाने को तैयार नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ई खरीद पोर्टल कितना सफल होगा। आढ़तियों ने साफ किया कि वे ई खरीद के माध्यम से धान नहीं खरीदेंगे, सारा कार्य उसी प्रकार से होगा जो पहले की तरह होगा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि जब सारा कार्य मैनुअली ही होना है तो फिर ई खरीद पोर्टल की जरूरत क्या है?

बता दें कि जैसे ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने ई खरीद का जिक्र किया तो आढ़तियों ने इसका विरोध किया था। ई खरीद के विरोध में प्रदेशभर के आढ़तियों ने हड़ताल कर कुरुक्षेत्र में सम्मेलन किया था और घोषणा की थी कि वे ई खरीद नहीं करेंगे। आढ़तियों की हड़ताल से घबराई सरकार ने आनन-फानन में आढ़तियों की सीएम से मुलाकात कराई, जहां पर सीएम ने आढ़तियों को दोनों ऑप्सन दिए। वे मैनुअली और ई खरीद भी कर सकेेंगे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री से ई खरीद पोर्टल के शुभारंभ की रूपरेखा तैयार की गई। 

मंगलवार को ई खरीद पोर्टल सीएम मनोहर लाल व केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान के हाथों शुरू भी हो गया। लेकिन यह पोर्टल केवल दिखावेभर के लिए रह गया है? क्योंकि कोई भी आढ़ती ई खरीद के लिए तैयार नहीं है। अमर उजाला ने जब इस बारे में करनाल मंडी के प्रधान रजनीश चौधरी से पूछा तो उन्होंने बताया कि बुधवार से वे खरीद करेंगे, कोई भी आढ़ती ई खरीद नहीं करेगा, सभी पुराने तरीके से ही खरीद करेंगे। इनके अलावा, जिले की अन्य मंडियों के भी हालात इसी प्रकार के हैं। ऐसे में जो किसान अपने खाते में पैसे आने की बाट जोह रहे हैं, उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
 
ई खरीद की लांचिंग के दौरान खास बात यह भी रही कि मंत्री का स्वागत उन्हीं आढ़तियों ने किया जो पहले और बाद में कह रहे हैं कि वे ई खरीद नहीं करेंगे। खुद करनाल की मंडी के प्रधान रजनीश चौधरी व अन्य ने कार्यक्रम में मंत्री का स्वागत किया और वे ही अब कह रहे हैं कि ई खरीद नहीं करेंगे। 

पुलिस कर्मचारियों ने की जमकर धक्का-मुक्की
नई अनाज मंडी में हुए कार्यक्रम के दौरान मंच पर जाने को लेकर जमकर धक्का-मुक्की हुई। मंच से बुलाए जाने के बाद भी आढ़तियों व अन्य सदस्यों को पुलिस ने धक्के मारे। मंच तक जाने के लिए अलग-अलग चेक प्वाइंट्स बनाए गए थे। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान की पार्टी के सदस्यों तक को नीचे धकेल दिया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता और नेता तक को पुलिस ने नहीं बख्शा। बाद में लोग पुलिस को ही कोसते रहे। 

ऐन मौके पर मंगवाए धनखड़ और गहलावत के बैनर
कार्यक्रम पूरी तरह से अव्यवस्थाओं से भरा रहा। नई अनाज मंडी के अंदर बनाए गए मुख्य मंच पर न तो कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की फोटो थी और न विपणन बोर्ड की अध्यक्ष कृष्णा गहलावत की। बाद में कार्यक्रम शुरू होने के ऐन मौके पर दोनों नेताओं के बैनर मुख्य बैनर के साथ खड़े किए गए। इसी प्रकार मार्केट कमेटी के ऑफिस में मुख्य फ्लैस बोर्ड सीएम के आने तक जारी रहा। साथ ही कमेटी ऑफिस पर सीएम के आने चंद मिनटों पहले तक पुताई जारी थी। इससे अंदाजा लगाया सकता है कि अधिकारी सीएम और केंद्रीय मंत्री तक के कार्यक्रम को कितना हलके में लेते हैं। जबकि यह कार्यक्रम सप्ताहभर पहले से ही तय था। इसको लेकर अधिकारियों ने मंडी के दौरे भी किए और निर्देश भी दिए, लेेकिन सब धरे के धरे रह गए। इसके अलावा, प्रशासन द्वारा पहले दो बजे के लिए प्रेस कान्फ्रेंस की सूचना दी गई, लेकिन बाद ऐन मौके पर इनकार कर दिया गया।
 
वर्जन
नई चीज का विरोध हर बार होता है। ई खरीद व्यापारियों और किसानों दोनों के लिए सही है। धीरे-धीरे आढ़तियों को इसकी आदत पड़ जाएगी। आढ़तियों को ई खरीद कार्यक्रम को सफल बनाने में मदद करनी चाहिए। हम इसे हरियाणा ही नहीं पूरे देश में लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। 
-रामबिलास पासवान, केंद्रीय मंत्री।
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-वर्जन
ये केवल ढोंग है। अधिकारी सीएम को गुमराह कर रहे हैं। ई खरीद के नाम पर लोगों को बरगलाया जा रहा है। जब कोई आढ़ती ही इसके लिए तैयार नहीं है तो फिर इस प्रोजेक्ट पर लाखों करोड़ों रुपये खर्च क्यों किए गए? इसमें जरूर घालमेल है। हम इसकी पूरी तय तक जाएंगे। इसके अलावा, जब सरकार ने ई पोर्टल शुरू किया तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह ई खरीद भी कराए। 
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-रत्न मान, प्रदेशाध्यक्ष भाकियू
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