- वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभाग ने की व्यवस्था, डस्ट पोर्टल पर कराना होगा पंजीकरण
राकेश चौहान
करनाल। भवन निर्माण कंपनियों पर अब प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। निर्माण कंपनी को अब निर्माण स्थल पर सीसीटीवी लगाने होंगे।
यानी सीसीटीवी की निगरानी में ही उन्हें निर्माण सामग्री रखनी होगी और जिस इमारत का निर्माण किया जा रहा व जिस इमारत को गिराया जाना है वहां भी कैमरे लगे होने चाहिए। ताकि विभाग की सीधी नजर निर्माण स्थल पर हो। यह निर्देश विभाग ने इसलिए जारी किए हैं ताकि निर्माण कार्य करने व तोड़फोड़ के दौरान उठने वाली धूल को कम कर वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
इसके लिए सबसे पहले निर्माण कंपनियों के सरकारी व प्राइवेट ठेकेदार आदि को 500 वर्ग मीटर व इससे अधिक के प्लॉट में निर्माण कार्य करने से पहले विभाग के डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। इसके साथ ही जिस स्थान पर वह इमारत बना रहे हैं, उसकी निर्माण सामग्री व निर्माणाधीन क्षेत्र को ढक कर रखना होगा। यदि किसी इमारत को तोड़ना है तो उसे भी ढक कर रखना होगा ताकि उस क्षेत्र में धूल-मिट्टी साइट में रह रहे लोगों की तरफ न जाए और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। फिलहाल विभाग की डस्ट साइट पर 52 कंपनियों ने ही पंजीकरण कराया है। - संवाद
लाखों रुपये का लगेगा जुर्माना
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के इन नियमों का यदि कोई निर्माण कंपनी पालन नहीं करती है तो उस पर विभाग की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कंपनी ने डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया और निर्माण सामग्री को ढक कर नहीं रखते तो उन पर अलग-अलग तरीके से जुर्माना लगेगा। जिसमें एक लाख रुपये व 75 से 1500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भी जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
केंद्र की टीम करेगी सीसीटीवी चेक
निर्माण स्थल पर सीसीटीवी लगाने की आवश्यकता इसलिए है, क्योंकि इन सीसीटीवी को प्रदूषण नियंत्रण विभाग की केंद्रीय टीम जांच करेगी। उसकी फुटेज में देखा जाएगा कि निर्माण कार्य कब शुरू किया गया और निर्माण सामग्री व इमारत को कब ढका गया है। यह पूरी जांच की जाएगी। यदि कैमरे नहीं लगे पाए तो जुर्माना लगाया जाएगा।
एनसीआर नगर पालिका क्षेत्र में एंटी स्मॉग गन लगानी अनिवार्य
विभाग के निर्देशानुसार एनसीआर के नगर पालिका क्षेत्र में जहां 500 वर्ग मीटर से एक हजार वर्ग मीटर प्लाॅट में निर्माण कार्य चल रहा है, वहां एंटी स्मॉग गन लगानी जरूरी है। वहीं प्रति 5 हजार वर्ग मीटर की बढ़ोतरी के क्षेत्र में एक अतिरिक्त एंटी स्मॉग गन लगानी होगी।
निर्माण स्थल पर धूल के कारण होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि निर्माण कंपनियों को डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा और निर्माण स्थल पर सीसीटीवी लगाने होंगे। फिलहाल 52 कंपनियों का पंजीकरण कराया गया है। यदि कंपनियां पंजीकरण नहीं करातीं हैं तो जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है।
- शैलेंद्र अरोड़ा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करनाल