संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बारिश के बाद फिर से ठंड के चलते शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ रहा है, जिसका सीधा असर नाक और गले से जुड़ी बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों नाक बहना, गले में खराश, जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
नागरिक अस्पताल से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने कहा कि उनकी ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज केवल नाक में एलर्जी, नाक बहने और गले में खराश, संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, रोजाना 150 से 170 की कुल ओपीडी होती है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों और बुजुर्गों की है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि मौसम में अचानक बदलाव शरीर को अनुकूल होने का समय नहीं देता। दिन में तेज गर्मी के कारण लोग ठंडी चीजों का सेवन करते हैं, जबकि सुबह-शाम ठंडक बढ़ने पर वही शरीर पर विपरीत असर डालता है। इससे वायरल संक्रमण और एलर्जी दोनों के मामले बढ़ रहे हैं।
- इन समस्याओं से जुड़े आ रहे मरीज :
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने बताया कि इस समय सबसे अधिक मरीज नाक बहने, गले में दर्द, सूजन, खांसी और आवाज बैठने जैसी समस्याओं के साथ आ रहे हैं। कई मामलों में यह सामान्य सर्दी-जुकाम है, लेकिन कुछ मरीजों में एलर्जी और वायरल इंफेक्शन भी सामने आ रहा है।
- बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा दिख रहा असर
डॉ. जयवर्धन के अनुसार, छोटे बच्चों और युवाओं में सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है क्योंकि वें बाहर के पदार्थों का सेवन कर रहे हैं जिनमें फास्ट फूड और ठंडे पदार्थ शामिल होते हैं। वहीं, बच्चों में बार-बार नाक बहना और गले में संक्रमण पढ़ाई और दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है, वहीं बुजुर्गों में यह समस्या सांस संबंधी दिक्कतों में भी बदल सकती है।
ध्यान रखें
ठंडी चीजों, आइसक्रीम और कॉल्ड ड्रिंक का सेवन से बचें।
गुनगुना पानी पीयें, भाप लें। साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी
मास्क का उपयोग करना भी फायदेमंद।