करनाल। धोखाधड़ी के मास्टर माइंड ‘नटवरलाल’ राजेश ने अपनी कारगुजारी से पुलिस प्रशासन को सकते में डाल दिया है। जिला जेल में बंद होने के बावजूद वह बाहर निकलकर पुलिसकर्मी के सहयोग से शातिराना अंदाज से ठगी की वारदात अंजाम देते बुधवार को दबोचा गया। फिलहाल, सिटी थाना पुलिस ने आरोपी पुलिस कर्मचारी ईएचसी मुकेश व राजेश को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है ताकि उनसे यह उगलवाया जा सके कि उसने इस तरीके से कितनी वारदातें अंजाम दी हैं और उसके साथ कौन-कौन शामिल रहा।
करनाल के बांसो गेट के रहने वाले राजेश की जब पुलिस ने कुंडली खंगाली तो उसके होश उड़ गए। उसके खिलाफ हरियाणा के विभिन्न जिलों में 27 मामले दर्ज हैं। इनमें करीब 20 धोखाधड़ी के हैं। पुलिस के मुताबिक, वह पहले ऐसे युवाओं की जानकारी जुटाता था जो विदेश गए हैं। फिर वह खुद को उनका दोस्त बताकर उनके परिजनों से धोखाधड़ी कर ठगी को अंजाम देता था।
अबकी वह 7 जुलाई को जेल में छाती में दर्द की समस्या बताकर इलाज के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचा। सुरक्षा में तीन-चार पुलिस कर्मचारी तैनात थे। राजेश ने कहा कि वह ईएचसी मुकेश कुमार के साथ जाकर ईसीजी कराएगा। इस दौरान राजेश ने उसे लालच दिया और कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज से बाहर निकल गया। इस बीच उसने सदर बाजार में एक व्यक्ति से सोने की अंगूठी ठग ली। इसके बाद वह नवीन खरबंदा के घर पहुंचा था तो वारदात के बाद लोगों ने उसे दबोच लिया।
इस प्रकार धरा गया राजेश
नवीन खरबंदा ने बताया कि शाम करीब 7 बजे जब मैं अपने घर के बाहर खड़ा था तो एक अंजान व्यक्ति मुझसे मिला। उसने कहा कि मुझे आपके बेटे कमल ने यूएसए से भेजा है। मैं आपके लिए समान लाया हूं जो मंदिर के पास चौक पर खड़ी मेरी गाड़ी में है। नवीन के मुताबिक, उसने अपना नाम राजेश दुआ बताया और अपना आईकार्ड भी दिखाया। वह उन्हें सामान लेने के बहाने बाहर गली में ले गया और बातों में उलझाकर मेरी अंगूठी की तारीफ की।
फिर कहा कि गाड़ी में मेरे पिताजी हैं। मुझे यह अंगूठी दिखाओ तो मैं इसे उन्हें दिखा दूं। उसकी बात सुनकर मैंने अंगूठी उसे दे दी। उसने कहा कि आप चौक पर गाड़ी के पास आ जाओ और अंगूठी व सामान ले जाना। इस बीच वह अंगूठी लेकर फरार हो गया। फिर तुरंत उसकी तलाश शुरू की तो लोगों की मदद से उसे दबोच लिया गया। इस बीच आरोपी राजेश सदर बाजार चौकी में भी छाती में दर्द की एक्टिंग करता रहा।
राजेश पर है 27 मामले दर्ज, दो साल की काट रहा सजा
एसपी गंगा राम पूनिया ने बताया कि आरोपी राजेश के खिलाफ जींद, पानीपत, कुरुक्षेत्र, करनाल फतेहबाद सहित अन्य जिलों में धोखाधड़ी सहित 27 मामले दर्ज हैं। इनमें से 10 मामलों में वह जमानत पर है और करीब 10 मामलों में उसे सजा भी हो चुकी है। 2017 के सिटी थाना के एक धोखाधड़ी के मामले में आरोपी दो साल की सजा जिला जेल में काट रहा है। फरवरी 2020 में वह करनाल जेल में आया था।
जेल से इलाज के नाम पर कई बार आ चुका है बाहर
बताते हैं कि राजेश जेल से सात-आठ बार इलाज के लिए बाहर आ चुका है। कभी वह मुंह पर चोट मारकर खून निकाल कर कहता था कि मुझे हार्ट प्रॉब्लम है। कभी हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत कर वह जेल से अस्पताल आ जाता था। ऐसे ही कारण बताकर 20 जून और 24 जून को भी वह कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में दाखिल था। इस दौरान उसने 22 जून को एक धोखाधड़ी की वारदात अंजाम दी थी।
साथी सिपाही ने भगाने की पूरी कोशिश की
साथी सिपाही ने राजेश को भगाने की पूरी कोशिश की। बताते हैं कि जब राजेश को पकड़ा गया तो पुलिस कर्मी तुरंत पहुंच गया और कार्ड दिखाकर बताया कि वह पुलिस कर्मी है, उसे गिरफ्तार कर थाने ले जाएगा। राजेश को पकड़कर चल भी दिया लेकिन अपनी योजना के मुताबिक कुछ दूरी पर पकड़ ढीली की और राजेश भाग निकला लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने पीछा कर लिया और राजेश को दोबारा पकड़ लिया।
वर्जन
आरोपी राजेश को पकड़ लिया है। उसके साथ एक पुलिस कर्मचारी की मिलीभगत सामने आई है। उसे सस्पेंड करने के साथ दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है।
-गंगा राम पूनिया, एसपी करनाल।