कर्ण गेट मार्केट नो ट्रैफिक जोन घोषित करने के पहले दिन ही व्यापारी विरोध में उतर आए। सुबह ही व्यापारी प्रशासन के के खिलाफ एकजुट होने शुरू हो गए और आधा घंटा दुकानें बंद कर रोष जताया। इस दौरान व्यापार मंडल के प्रधान कृष्ण लाल तनेजा का भी कुछ व्यापारियों ने विरोध किया। वहीं दोपहर को डीसी के साथ हुई बैठक के बाद जब कुछ रियायतें मिलीं तो व्यापारी शांत हुए। लघु सचिवालय में हुई बैठक में डीसी निशांत कुमार यादव ने व्यापारियों से साफ कह दिया कि नो ट्रैफिक जोन का निर्णय वापस नहीं होगा। न ही दो पहिया वाहनों को मार्केट में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। एक सप्ताह तक ट्रायल के रूप में व्यवस्था ऐसी ही रहेगी। लेकिन डीसी ने माल लाने और ले जाने के लिए रिक्शा को दो घंटे का अतिरिक्त समय दिया है।
दोपहर बाद सुधरे हालात
इधर, सुबह पहले दिन ही अव्यवस्था के कारण कर्ण मार्केट के साथ जुड़े अलग-अलग सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। लोग काफी देर तक जाम में फंसे भी रहे। हालात ऐसे भी बने कि कुछ व्यापारी ड्यूटी पर खड़े जवानों से भिड़ते नजर आए। होम गार्ड के जवानों ने व्यापारियों को हाथ जोड़कर शांत कराया। पुलिस ने तुरंत सड़कों पर नो पार्किंग यानी पीली पट्टी के बाहर खड़े वाहनों को हटवाना शुरू किया तो जाम खुला। दोपहर भीड़ कम होने के बाद जाम से कुछ राहत मिली।
यहां लगाई बैरिकेडिंग
-सचदेवा स्वीट्स के पास।
-पुरानी सब्जी मंडी की तरफ।
-कमेटी चौक पर।
-सराफा बाजार
-नावल्टी चौक से दयालपुरा गेट की तरफ जाने वाले रास्ते पर।
पांच मिनट के रास्ते पर लगे 15 मिनट
कर्ण मार्केट शहर का प्रमुख बाजार है। नावल्टी और सदर बाजार की तरफ से आने वाले वाहन पहले कर्ण मार्केट के रास्ते से आगे बढ़ते थे। अब इन्हें देवी मंदिर रोड से कमेटी चौक की तरफ डायवर्ट किया गया है। इधर, पुरानी सब्जी मंडी और महाराणा प्रताप चौक की तरफ से आने वाले ऐसे वाहन जो कर्ण मार्केट के रास्ते निकलते थे, उन्हें भी पुरानी सब्जी मंडी रोड पर डायवर्ट किया गया। यहां सड़कों पर नो पार्किंग में कुछ वाहनों के खड़ा होने और रोड पर ट्रैफिक लोड बढ़ने से जाम की स्थिति बन गई। पांच मिनट का रास्ता तय करने में 15-20 मिनट लगे।
पैदल चलकर आए ग्राहकों का अनुभव
शिव कॉलोनी के नरेश कुमार का कहना है कि पार्किंग निशुल्क होनी चाहिए। क्योंकि कई बार दिन में दो से ज्यादा चक्कर भी लगते हैं। ऐेसे में हर बार नया शुल्क देना पड़ता है।
पत्नी रूपवती के साथ मार्केट में आए बनारसी का कहना है कि प्रशासन का प्रयास अच्छा है। अब कम से कम बाजार में बिना ट्रैफिक शोर के शॉपिंग तो कर सकेंगे।
प्रधान से बोले, अपनी मार्केट संभालें, हमारे बाजार पर ट्रायल क्यों
सुबह प्रशासन के निर्णय का विरोध जता रहे व्यापारियों के पास जब हरियाणा व्यापार मंडल के प्रधान कृष्ण लाल तनेजा पहुंचे तो व्यापारियों ने उनका भी विरोध किया। कहा कि आप अपनी मार्केट संभालें, नेहरू पैलेस में अतिक्रमण भी है और रेहड़ियां भी लगी हैं। प्रशासन के नए ट्रायल आप हमारे बाजार में ही कराते हैं। उन्होंने डीसी से बैठक कराने का समय लेकर व्यापारियों को शांत किया। लघु सचिवालय में डीसी के साथ हुई बैठक में व्यापारी अमित खुराना, शाम बतरा, विकास चंदन, तनेजा, अश्विनी, संकल्प भंडारी आदि शामिल थे। दो पहिया वाहन और ई-रिक्शा चलाने की मांग भी उठाई थी। लेकिन अभी एक सप्ताह तक ऐसे ही व्यवस्था रहेगी।
खाली सड़कों पर खेला मैच
व्यापारियों ने जब दुकानें बंद करा दी। तो कुछ युवा दुकानदारों की टोली ने दयाल पुरा गेट के बाहर क्रिकेट मैच भी खेला।
डीसी बोले, मिलेगी हर सुविधा
डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि एक सप्ताह तक ट्रायल के तौर पर ऐसे ही व्यवस्था रहेगी। लोगों की सहुलियत के लिए निशुल्क चलने वाली चार ई-रिक्शा की संख्या को बढ़ाया जाएगा। चालानिंग कम होगी, किसी के साथ ह्रासमेंट नहीं होने देंगे। भविष्य में मार्केट में छह फीट की लेफ्ट साइड में लेन ई-रिक्शा के लिए बनाई जा सकती है। बड़े बैरिकेड हटाकर छोटे चार फीट वाले बैरिकेड लगाएंगे। इस पर मार्केट का नाम भी लिखा होगा। इसके अलावा मार्केट में शौचालय, बैंच आदि रखवाए जाएंगे। ताकि लोग घूमने भी आएं तो आराम से बैठ सकें। प्रशासन हर समस्या का हल करेगा। एक सप्ताह बाद रिव्यू बैठक करेंगे।