रीयल एस्टेट के कारोबार में हुए घाटे से बचने के लिए दिल्ली के बिल्डर राजेंद्र बतरा ने कुरुक्षेत्र में अपनी हत्या कर षड्यंत्र रचा था। जुलाई 2013 में जीटी रोड ढोला माजरा पावर स्टेशन के पास बिल्डर बतरा की कार से एक अज्ञात व्यक्ति की जली हुई खून से लथपथ लाश मिली थी।
कार में मृत मिले व्यक्ति के शरीर पर तेजधार हथियार के पांच घाव थे, जबकि उसकी कमर आग से झुलसी हुई थी। पुलिस ने जब इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की तो मामला षड्यंत्र रच कर एक व्यक्ति की हत्या करके खुद को मृत दिखाने का निकला।
यह खुलासा राजेंद्र बतरा की गिरफ्तारी के बाद हुआ। पूछताछ में जिला पुलिस को ज्ञात हुआ कि यह मामला हत्या के बाद लाश को खुर्दबुर्द करने का है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 16 जुलाई 2013 को थाना शाहाबाद पुलिस को सूचना मिली थी कि एक कार गांव डोला माजरा के एरिया मे लावारिस हालत में स्टार्ट खड़ी और इसमें आग लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच करने पर देखा कि कार के भीतर एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा है और उसका शरीर भी जला हुआ है।
पुलिस ने इस दौरान उक्त कार से एक मिट्टी के तेल की कैनी, तारकोल, गत्ते की पेटियां और शराब की बोतलें भी बरामद की थी।
एफएसएल की टीम, शाहाबाद के डीएसपी शीतल सिंह और अपराध शाखा की टीमों ने इस पूरे मामले की गहन जांच करते हुए आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई थी, लेकिन कार में मृत मिले व्यक्ति की कोई जानकारी नहीं मिली।
आखिरकार कार के नंबर से ज्ञात हुआ कि यह कार नई दिल्ली सुदर्शन पार्क निवासी राजिंद्र कुमार बतरा पुत्र नंद लाल बतरा की है। पुलिस ने टोल प्लाजा पर इस गाड़ी की क्रासिंग और बतरा के मोबाइल नंबर भी ट्रेस किए थे। आखिरकार कुरुक्षेत्र पुलिस ने बतरा को गिरफ्तार कर लिया।
राजेंद्र बतरा ने माना कि वह भवन निर्माण का कार्य करता था और इस कारोबार में घाटा होने के कारण अपने आप को छुपाने के लिए अपनी कार में एक अज्ञात व्यक्ति को दिल्ली से लाकर शाहाबाद के पास हत्या कर दी। इसके बाद उस व्यक्ति को कार में अंदर डालकर आग लगा दी और फरार हो गया था, ताकि परिवार वाले और लेनदार ये समझे की राजेंद्र की मौत हो गई।
सोमवार को यह आरोपी अदालत में पेश किया गया, जहां उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। राजेंद्र से पूछताछ जारी है।