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एक मिनट में पास हुआ 92.60 करोड़ का बजट और स्मार्ट सिटी का प्रपोजल

Tue, 11 Apr 2017 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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एक मिनट में पास हुआ 92.60 करोड़ का बजट और स्मार्ट सिटी का प्रपोजल - फोटो : Amar Ujala
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नगर निगम हाउस की हंगामेदार बैठक में साल 2017-18 का 92.60 करोड़ रुपये का बजट ध्वनिमत से एक मिनट में पास हो गया। इसके साथ ही करीब 1295 करोड़ के स्मार्ट सिटी प्रपोजल समेत कुल 15 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इसके अलावा, चार एजेंडे आउट आफ एजेंडा भी रखे गए, जिन्हें सदन ने पास कर दिया। हालांकि, कुल 17 में से दो एजेंडों को पेंडिंग कर दिया गया। ढाई घंटे तक चली बैठक में पार्षदों ने प्रस्तावित एजेंडों को पास करने में मात्र 30 मिनट का समय लिया, जबकि दो घंटे तक अधिकारी और पार्षद आमने सामने रहे। पार्षदों ने रुके विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को जमकर घेरा। बैठक की खास बात यह रही कि पहली बार सीएम के ओएसडी अमरेंद्र सिंह बैठक में मौजूद रहे। पहले से ही प्रस्तावित सदन की बैठक शाम चार बजे विकास सदन में शुरू हुई। सदन में मयेर रणुबाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण, डिप्टी मेयर मनोज वधवा समेत 19 वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। वार्ड नंबर तीन के पार्षद कैलाश गोयल बैठक में गैर हाजिर रहे।
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विधितवत रूप से बैठक शुरू होने से पहले ही कुछ पार्षदों ने अधिकारियों पर काम नहीं होने के आरोप लगाने शुरू कर दिये। करीब 15 मिनट तक पार्षद आरोपों की झड़ी लगाते रहे, वहीं आयुक्त डा. आदित्य दहिया के कहने पर बैठक शुरू कराई गई। बैठक में कुल 17 एजेंडे रखे गए, इनमें से निगम के प्रस्तावित बजट 92.60 करोड़ रुपये का बजट और स्मार्ट सिटी का प्रपोजल झट से पास कर दिया। इसके अलावा, अन्य 13 मुद्दों पर भी पार्षदों ने ध्वनिमत से मुहर लगा दी। दो एजेंडों को लेकर जरूर सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग और कमलेश लाठर के पति रोहताश लाठर में कड़ी नोंक-झोंक हुई। राजकीय स्कूल को लेकर ढाई एकड़ जमीन देने को लेकर दोनों ने अपनी दलीलें रखीं, बाद में हंगामा बढ़ते देख इसे कैंसिल कर दिया गया। वहीं, सैदपुरा में 100-100 गज के प्लाट देने को लेकर मामले की जांच कराने के लिए इसे पेंडिंग रख दिया गया।

एक-एक करके पार्षदों ने साधा अधिकारियों पर निशाना
बैठक में एजेंडों को पास कराने के बाद पार्षदों ने वार्ड वाइज अपनी अपनी बात रखी। ज्यादातर पार्षदों ने अधिकारियों पर काम लटकाने का आरोप लगाया। वार्ड नंबर एक बाघ सिंह, दो से बलविंद्र सिंह, वार्ड 14 से विनोद तितोरिया समेत अन्य पार्षदों ने जमकर अधिकारियों की खिंचाई की। पार्षदों ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी विकास कार्यों को लटकाने का काम कर रहे हैं, इसके कारण न तो समय पर एस्टीमेट बन पाते हैं और न ही कार्य शुरू हो पाते हैं। साथ ही सतीश रोड, रामचंद्र काला, कुमुदबाला अग्गी समेत अन्य पार्षदों ने कहा कि सीएम सिटी होने के बावजूद शहर में विकास कार्य तेजी से नहीं हो रहे हैं। वहीं, पार्षदों ने शहर में घूम रहे आवारा पशु, सूअरों व बंदरों की समस्या रखी। डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने भी निगम अधिकारियों पर आरोप लगाए कि एक साल पहले पास हुए एजेंडों पर भी कोई काम नहीं हो रहा है। एकाध बार बीच बीच मे ंपार्षद आपस में ही उलझ गए। 
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पार्षद रही चुुप, परिजनों ने उठाये सवाल
बैठक की खास बात यह भी रही कि सदन की महिला पार्षद चुप रही, उनके स्थान पर उनके परिजनों ने वार्ड की बात रखी व अधिकारियों पर भी सवाल उठाए। वार्ड नंबर-19 की पार्षद कुमुद बाला अग्गी के ससुर भगवानदास अग्गी ने अपनी बात रखी और रुके हुए विकास कार्यों पर अधिकारियों को घेरा। वहीं, वार्ड नंबर 13 के पार्षद सुदेश गुलाटी के बेटे ईश गुलाटी ने अपने पिता के स्थान पर वार्ड की बात रखी। ईश गुलाटी ने आरोप लगाया कि छह माह पहले आयुक्त को 36 विकास कार्यों की लिस्ट दी थी, लेकिन इनमें से मात्र एक कार्य शुरू हुआ है। सदन के बीच खड़े होकर उन्होंने कहा कि अधिकारी विकास कार्यों को लटका रहे हैं। इसी प्रकार, वार्ड नंबर नंबर पांच की पार्षद कमलेश लाठर के पति रोहताश लाठर ने अपने वार्ड की समस्याएं रखीं। इसी प्रकार, वार्ड नंबर 17 की पार्षद शीला देवी के पति ने अपनी बात रखी। हालांकि, वार्ड नंबर-4 की पार्षद सुजाता अरोड़ा व वार्ड नंबर दस की पार्षद सोनिया पंडित ने जरूर अपने अपने वार्डों में अधूरे पड़े कार्यों की जानकारी सदन को दी।

विकास कार्यों में करनाल तीसरे नंबर पर
नगर निगम की मेयर रेणुबाला गुप्ता व नगर निगम के आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने हाउस में बताया कि वर्तमान में विकास कार्यों को लेकर गुरुग्राम व फरीदाबाद के बाद, करनाल नगर निगम का स्थान आता है। उन्होंने कहा कि पिछले छ: महीनों में शहर के विभिन्न वार्डों में 18 करोड़ 52 लाख रुपये के कार्य पूर्ण करवाए गए है, जबकि 43 करोड़ 19 लाख रुपये के कार्य प्रगति पर चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हाल ही में 11 करोड़ रुपये के टेंडर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अटल मिशन फॉर रिजुविनेषन ऑफ अर्बन ट्रांसमिशन (अमरूत) योजना के तहत 236 करोड़ रुपये की राशि से बरसाती पानी की निकासी व सीवरेज के कार्य शुरू होने जा रहे हैं। मेयर ने कहा कि इसके बाद करनाल नगर निगम पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर आ जाएगा।

ये प्रस्ताव हुए पास
1. 1295 करोड़ रुपये के स्मार्ट सिटी प्रपोजल को मंजूरी।
2. जोगी समाज को कंबोपुरा में धर्मशाला के लिए एक हजार गज जमीन मिलेगी।
3. नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों के आवासीय योजना शुरू होगी।
4. लाइन पार एरिया में एक नया उपदमकल केंद्र खोला जाएगा।
5. कालीदास रंगशाला अब निशुल्क बुक होगी।
6. भगत सिंह मार्केट की 18 दुकानों के किराये में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी होगी।
7. सैनी कालोनी का नाम बदलकर अब बालाजी कालोनी होगा।
8. नगर निगम के अंतर्गत ट्रेड लाइसेंस की फीस तय की गई।
9. निरंकारी बाबा हरदेव सिंह के नाम से सड़क का नाम होगा।
10. वार्ड नंबर 5 में कम्यूनिटी सेंटर खोला जाएगा।
11. हुडा के बरसाती
पानी की निकासी के कार्य को जनस्वास्थ्य विभाग को स्थानांत्रित किया गया।
12. हुडा के सेक्टर 4,5 व 16  को निगम के अंतर्गत लेने बारे।
13.  दहा जागीर में आधा एकड़ में कम्यूनिटी सेंटर बनाने बारे।
14. सदन की पिछली बैठक की पुष्टि करने बारे। 15. निगम का 92.60 करोड़ का पास।

ये दो मामले अटके
गांव फूसगढ़ में राजकीय पाठशाला को अपग्रेड कराने को लेकर ढाई एकड़ जमीन देने का मामला लटक गया है। इसको लेकर, अदालत में केस चल रहा है। यह जमीन नंदीग्राम के साथ लगती है। इसको लेकर पार्षदों में सहमति नहीं बन पाई। वहीं, गांव सैदपुरा में 100-100 गज के प्लाटों की अलाटमेंट को लेकर जांच कराने की बात कही गई।

बजट की ये हैं खास बातें
निगम ने कुल 92.60 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसके साथ ही खर्च के लिए निगम ने 1 अरब, 61 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही निगम के पास पहले से ही 1.24 अरब रुपये जमा हैं। निगम के अकाउंट आफिसर की तरफ से पेश किये गए बजट में अलग अलग मदों के लिए अलग अलग राशि रखी गई है। बजट में करीब 73 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए रखा गया है।
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