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गेहूं और झोंपड़ियों पर आग का कहर, 150 एकड़ फसल जली

Tue, 11 Apr 2017 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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गेहूं और झोंपड़ियों पर आग का कहर, 150 एकड़ फसल जली - फोटो : Amar Ujala
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बिजली की चिंगारी व तेज हवा के कारण आग ने सोमवार को जिले में जमकर कहर बरपाया। आग के कारण एक बच्चा जहां जिंदा जल गया, वहीं अलग-अलग जगहों पर करीब 150 एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई। इतना ही नहीं सेक्टर-8 स्थित करीब 20 झुग्गी-झोपड़ी तबाह हो गई। आग के कारण जहां किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ, वहीं झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले दर्जनों परिवार बेघर हो गए। सभी स्थानों पर कड़ी मशक्त  के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
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अहम बात यह रही ज्यादातर स्थानों आग बिजली के शार्ट सर्किट के कारण लगी है। जिले में आग की शुरुआत दोपहर को घरौंडा से हुई। जहां पर गांव मुंडोगढ़ी के खेतों में बनी एक झोपड़ी में आग लगने के कारण वहां सो रहा एक चार वर्षीय बच्चे की जल कर मौत हो गई। इसके बाद, घरौंडा के ही मूनक गांव में लगी आग से खेत में खड़ी 14 एकड़ फसल जलकर स्वाहा हो गई। शाम होते-होते आग ने और रौद्ररूप दिखना शुरू कर दिया। असंध के गांव थल, रत्तक व अरड़ाना में लगी आग के कारण करीब 125 एकड़ गेहूं की फसल खेत में ही स्वाहा हो गई।

इसके बाद, शाम को आग ने करनाल शहर का रूक किया, यहां पर सेक्टर-6 स्थित झुग्गी-झोपड़ी में लगी आग के कारण गरीबों की पूरी बस्ती ही स्वाहा हो गई। आग के कारण यहां बने करीब 20 झुग्गी के साथ गरीबों द्वारा वर्षों से पाई-पाई जोड़ कर एकत्रित किया गया पैसा, गहने व घर में रखे सभी सामान जल गया। शाम करीब छह बजे शार्ट-सर्किट के कारण लगी इस आग ने घंटो जमकर ताडंव मचाया, जिस समय यह आग लगी, कई परिवार अपने छोटे बच्चों के साथ अपने झुग्गी के अंदर ही मौजूद थे। आग से चार दिन की बेटी लक्ष्मी के साथ रिंकू बाल-बाल बची। रिंकू ने कहा कि जब आग लगी तो वह अपने चार बच्चों के साथ घर के अंदर ही मौजूद थी। आग लगने पर सभी बच्चे किसी तरह निकल गए, लेकिन वह अपनी चार दिन की बच्ची के साथ झुग्गी के अंदर ही फंस गई। लोगों की सहायता से किसी तरह वह घर के बाहर निकली, लेकिन घर में रखे गहन व पैसों के साथ सभी सामान जल गया। वहीं झुग्गी में रहने वाले मनोज दो दिन पहले ही नया रिक्शा खरीदा था, वह भी आग में जल गया। बिजली और
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हवा ने फैलाई आग
सोमवार को जिले में लगने वाली ज्यादातर आग बिजली के तारों में शार्ट-सर्किट के कारण लगी। तारों से निकली हल्की चिंगारी को तेज हवा ने आग में तब्दील कर दिया, जिससे एक ही दिन में दर्जनों लोगों को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा। विदित हो कि इस समय तेज हवा चल रही है, जिसके कारण बिजली की तारें आपस में उलझ रही हैं। बिजली सप्लाई के दौरान तारों के आपस में टच होने से निकली चिंगारी इस समय तांडव मचा रही है।

असंध में 125 एकड़ फसल स्वाहा
असंध। गांव थल, रत्तक व अरड़ाना में अज्ञात कारणों से करीब सवा सौ एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जल कर राख हो गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची व आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। तेज हवा के कारण आग इतनी भयंकर थी कि काबू पाने के लिए निसिंग से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद ही आग पर काबू पाया जा सका। गांव रत्तक के वीरेंद्र सिंह की छह एकड़, सुखदेव सिंह की साढ़े पांच एकड़, सुखा सिंह की चार एकड़, सिन्द्र सिंह साढ़े की चार एकड़, जज सिंह की सात एकड़, हरदीप सिंह की पांच एकड़, अवतार सिंह की चार एकड़, सुखा सिंह पांच एकड़, राजू छह एकड़, गुरलाल दस एकड़, मलकीत की 14 एकड़, सुखा सिंह की सात एकड़, बलिहार की बारह एकड़ व अन्य किसानों की फसलों में आग लग गई।

वहीं, गांव अरड़ाना में भीम सिंह की दस एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल शार्ट सर्किट से स्वाहा हो गई। असंध में सफीदो रोड पर मिलन पैलेस के नजदीक गुलाब सिंह की तीन एकड़ गेहूं शार्ट सर्किट की वजह से आग की भेंट चढ़ गई। वहीं, गांव थल में भी शार्ट सर्किट की वजह से गुलाब सिंह की तीन एकड़, अमीर सिंह चार एकड़ व तविंद्र सिंह की चार एकड़ फसल आगजनी का शिकार हो गई।

मूनक में जली 14 एकड़ फसल, 22 एकड़ फान्ने
घरौंडा। गांव मूनक में आगजनी की घटना में लगभग 14 एकड़ गेहूं की फसल व लगभग 22 एकड़ में खड़े फसल अवशेष जलकर स्वाहा हो गए। फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने मोर्चा संभाला और कई घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आगजनी की इस घटना में किसान तहसील के साढ़े एकड़, सुखा सरदार के तीन एकड़, निर्मल सिंह के एक एकड़, गोल्डी के एक एकड़, काला राम सेठ के तीन एकड़ व रामस्वरूप पाल के डेढ़ एकड़ फसल आग के हवाले हो गए, जबकि किसान हवा सिंह के 20 एकड़ व बलजीत सिंह के डेढ़ एकड़ में खड़े फसल अवशेष जलकर राख हो गए।
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