करनाल के सेक्टर-12 हुडा कार्यालय में डीसी रेट पर तैनात सेवानिवृत्त पटवारी को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए स्टेट विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी सुंदरलाल को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी पटवारी ने एक निर्माणाधीन मकान को गिराने की धमकी देते हुए 50 हजार रुपये की मांग की गई। इसको किस्तों के रूप में प्रति माह दस हजार रुपये देने की बात फाइनल हुई। इस इकरार पर पहली किस्त लेते हुए आरोपी को पकड़ा गया। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार राम बक्श तैनात रहे और विजिलेंस इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
स्टेट विजिलेंस के इंस्पेक्टर राजपाल ने बताया कि आरोपी पटवारी सुंदरलाल हुडा पंचकूला से सेवानिवृत्त है और वह करनाल कार्यालय में डीसी रेट पर तैनात था। अमित कुमार वासी बसताड़ा ने शिकायत दी थी कि उनके पिता के नाम पर हुडा एरिया में एक प्लॉट है। इस पर उन्होंने निर्माण कार्य चालू किया हुआ है। पिता की मौत के बाद इनके नाम अभी तक प्लॉट नहीं हुआ है।
पटवारी सुंदरलाल ने मौके पर आकर निर्माण कार्य गिराने की धमकी दी। पटवारी ने सौदा किया कि वह पचास हजार रुपये देगा तो निर्माण को गिराने से बचा सकता है। बात करते हुए पांच किस्तों में पैसा देने की बात पक्की हो गई। इस पूरे मामले की शिकायत अमित ने विजिलेंस को कर दी। प्लानिंग के तहत पीड़ित अमित ने पटवारी सुंदरलाल को पहली किस्त के अनुसार दस हजार रुपये की रिश्वत दी। रिश्वत देते ही टीम ने रेड मार दी और आरोपी के पास से दस हजार रुपये बरामद कर लिए।