हॉकी जगत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शाहाबाद का नाम चमकाने वाली हरप्रीत कौर रविवार को शादी के बंधन में बंध गईं। लाडवा रोड स्थित एक पैलेस में हरप्रीत का विवाह अंबाला निवासी बलकार सिंह के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ।
नव युगल को आशीर्वाद देने के लिए अनेक कोच और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विवाह समारोह में पहुंचे।
इनमें भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रीतू रानी, हरविंद्र सिंह पप्पू, बलदेव सिंह अटारी, सिरसा के कोच बलदेव सिंह, पूर्व पार्षद टेकचंद शर्मा, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रमणीक कौर, रानी रामपाल, बलविंद्र कौर, नूतन, गुरप्रीत कौर, किरण बाला, देवेंद्र कौर, रजनी, सिमरजीत कौर, संदीप कौर, जसजीत कौर, लखविंद्र कौर, राजविंद्र कौर, रमनदीप कौर, जसप्रीत कौर, नवनीत कौर, मनजीत कौर नवजोत कौर प्रमुख तौर पर शामिल रहीं।
हरप्रीत कौर के पिता शेर सिंह और माता मोहिंदर कौर, बहन कर्मजीत, जसविंदर, भाई अवतार सिंह और परिजनों ने नम आंखों से डोली को विदा किया। हरप्रीत के पति बलकार सिंह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। हरप्रीत का कहना है कि शादी के बाद भी उसका खेल का सफर जारी रहेगा।
हॉकी की दुनिया में हरप्रीत ऐसा नाम है जिन्होंने हॉकी में अपनी विलक्षण प्रतिभा की बदौलत ऊंचा मुकाम हासिल किया है। बेहतरीन खेल की बदौलत ही हरप्रीत को नौकरी में मिली है। वह 2008 से बतौर क्लर्क रेलवे में सेवा दे रही हैं।
आठ साल की उम्र में ही जुड़ गईं थी खेल से
हरप्रीत कौर जब मात्र आठ साल की थी तो उसने एसजीएनपी हॉकी एकेडमी में खेलना शुरू कर दिया था। इसके बाद मात्र दो वर्ष में ही प्रदेश व देश की टीमों में अपनी जगह बना ली थी। सेंटर हॉफ हरप्रीत ने 2005 में भारतीय महिला हॉकी टीम में स्थान बनाया था और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच जापान के खिलाफ जापान में ही खेला था और स्वर्ण पदक प्राप्त किया था।
हरप्रीत ने अब तक 65 मैचों में देश के लिए 72 गोल किए। हरप्रीत ने बताया कि उसने सिगांपुर के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। उसने बताया कि उसकी रोल मॉडल बलविंद्र कौर व सुमन बाला हैं जिन्हें देखते हुए उसने भारतीय टीम में प्रवेश पाया।