- ड्रग विभाग व ब्लड बैंक इंचार्ज ने संयुक्त रूप से किया था नीलोखेड़ी ब्लड स्टोरेज सेंटर का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मंजूरी मिलने के बाद भी उप-मंडल नागरिक अस्पताल नीलोखेड़ी में बनाए गए ब्लड स्टोरेज यूनिट का अभी तक शुभारंभ नहीं हो पाया है। ऐसे में नीलोखेड़ी अस्पताल में आने वाले मरीजों को अब भी करनाल सरकारी सहित अन्य निजी ब्लड बैंकों का रुख करना पड़ रहा है। जिससे मरीजों सहित उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उप-मंडल नागरिक अस्पताल नीलोखेड़ी के परिसर में ब्लड स्टोरेज यूनिट में सारा जरूरत का सामान मंगवा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सीनियर ड्रग कंट्रोलर के साथ मिलकर ब्लड स्टोरेज यूनिट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलने पर उसकी एक रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। जिसकी अप्रूवल अब मिल चुकी है। अब अक्तूबर के पहले सप्ताह में सेंटर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
उन्होंने बताया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट में 50 से 60 रक्त की ताजा यूनिटें रखी जाएंगी। वहीं जरूरत पड़ने पर मदर ब्लड बैंक यानी करनाल के ब्लड बैंक से टेस्टिंग किया हुआ ब्लड स्टाेरेज यूनिट में भिजवाया जाएगा। जिले के सभी कस्बों में सबसे अधिक डिलीवरी नीलोखेड़ी अस्पताल में ही होती है। ऐसे में तीमारदारों को करनाल रक्त के लिए नहीं आना पड़ेगा। नीलोखेड़ी के बाद अब उप-मंडल नागरिक अस्पताल असंध में भी ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संवाद
टेस्टिंग कर भेजा जाएगा ब्लड
नीलोखेड़ी व असंध के ब्लड स्टोरेज यूनिटों में फ्रीजर की क्षमता 100 से 125 के बीच में रखी गई है लेकिन फिलहाल अभी 50 से 60 के बीच में ही रक्त की यूनिटें रखी जाएंगी। वहीं जरूरत के हिसाब से टेस्टिंग कर सेंटर को यूनिट मुहैया कराई जाएगी। ऐसे में यूनिट के स्टाफ को सिर्फ रक्त का मिलान करके मरीजों को देना होगा। इसके अलावा जो यूनिट दो-चार दिन तक उपयोग में नहीं ली जाएगी तो उसे नीलोखेड़ी से वापस मंगवा लिया जाएगा और उसके स्थान पर ताजा रक्त भिजवाया जाएगा।