फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काले पट्टे बांधकर खोला मोर्चा

Tue, 05 Aug 2014 12:35 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार सभा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उसे हटाने की मांग को लेकर सोमवार को सभा के सदस्यों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम डीसी बलराज सिंह को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन


सभा के सदस्यों ने मुंह पर काले पट्टे बांधकर मौन प्रदर्शन किया और विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन में उन्होंने मांग की कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की नियुक्त सिख संगत करे न कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल। उन्होंने ज्ञापन में प्रकाश सिंह बादल को पंथ से निष्कासित करने की मांग की।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अंग्रेज सिंह पन्नु ने कहा कि वे श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित हैं और श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोपरि मानते हैं। जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब प्रकाश सिंह बादल व अवतार सिंह मक्कड़ के इशारे पर ही चल रहे हैं जो सिख पंथ के लिए सही नहीं है। पन्नु ने कहा कि अगर जत्थेदार पंथ के इतने ही हितैषी हैं तो प्रकाश सिंह बादल को पंथ से निष्कासित करें, क्योंकि उन्होंने हमेशा ही भाजपा का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि जत्थेदार उन्हें मूलभूत अधिकारों से वंचित न करें।
विज्ञापन


बीते दिनों जत्थेदार ने यह आदेश जारी किया था कि हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंध एसजीपीसी ही संभालेगी और हरियाणा के सिख व अन्य सिख जत्थेबंदियां इस आदेश के ऊपर कोई बयानबाजी न करे। सत्कार सभा के बाबा बलविंद्र सिंह ने कहा कि बादल व मक्कड़ बार-बार कहते हैं कि एसजीपीसी बड़ी कुर्बानियों के बाद बनी है। एसजीपीसी को बनाने में शेखूपुरा, गुजरावाला तथा लाहौर के रहने वाले बुजुर्गों ने ही कुर्बानियां की हैं।


गुरजीत सिंह ठरवा माजरा ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज तो श्री अकाल तख्त साहिब को इस्तेमाल करके हरियाणा के सिखों को गुलाम बनाने का कार्य किया और पंथ को गुमराह कर रहे हैं। अगर बादल नेक नीयत के होते तो हरियाणा में 1966 के बाद पंजाबी भाषा को लागू नहीं किया गया था और आज हुड्डा सरकार ने उसे लागू
किया है।
इस अवसर पर सत्कार सभा के जिला प्रधान कुलदीप सिंह, गुरबचन सिंह, दरबारा सिंह, हरबंस सिंह बरास, बाबा लक्खा सिंह, अजायब सिंह, हरप्रीत सिंह, जसविंद्र सिंह बिल्ला, करतार सिंह, सुबेग सिंह, जसवंत सिंह जस्सा, महेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें