पश्चिम एशिया में युद्ध का असर शहर की रसोई से लेकर होटल, ढाबों, दुकानों और फास्ट फूड का काम करने वाले रेहड़ी संचालकों तक पर पड़ा है। प्रशासन का दावा है कि शहर में गैस की आपूर्ति पूरी है वहीं गैस सिलिंडर की कालाबाजारी भी हो रही है। 921 रुपये वाला घरेलू गैस सिलिंडर ब्लैक में दो से चार हजार रुपये तक में बिक रहा है। काॅमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से फास्ट फूड और छोटे ढाबा संचालक भी घरेलू गैस सिलिंडर को ब्लैक में खरीदकर प्रयोग कर रहे हैं।
गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर छोटे फास्ट फूड कारोबारियों और ढाबा संचालकों पर पड़ा है। मजबूरी में कई लोगों को महंगे दामों पर सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। कॉमर्सियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति 20 फीसदी शुरू होने से राहत मिली है। हालांकि घरेलू के साथ कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की भी कालाबाजारी की जा रही है। ऐसे में कई दुकानदार वैकल्पिक काम तलाशने को मजबूर हो गए हैं। रविवार को शहर के सेक्टर-12, नेहरू पैलेस और कल्पना चावला के बाहर लगे ढाबा, फास्ट फूड और रेहड़ी संचालकों से बातचीत में उन्होंने खुद कर शहर में हो रही गैस की कालाबाजारी की पोल खोली। उन्होंने बताया कि 100 रुपये किलो के हिसाब से भरा जाने वाला अब 300 रुपये किलो में भरा जा रहा है।
चार हजार रुपये तक में खरीदे सिलिंडर
नेहरू पैलेस में पिज्जा की दुकान चलाने वाले पवन ने बताया कि दो दिन पहले उन्हें मजबूरी में दो गैस सिलिंडर ब्लैक में खरीदने पड़े। इसके लिए करीब आठ हजार रुपये चुकाए। एक सिलिंडर के लिए चार हजार रुपये। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर सप्ताह में लगभग एक सिलिंडर की खपत हो जाती है। कॉमर्शियल सिलिंडर की भी ब्लैक हो रही है।
कुल्चे के दाम 30 से बढ़कर 50 रुपये
छोले-कुल्चे का फास्ट फूड चलाने वाले अवतार कॉलोनी निवासी दीपक ने बताया कि गैस सिलिंडर की किल्लत होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में उन्होंने अपने यहां दाम भी बढ़ाने पड़े। पहले 30 रुपये में मिलने वाला कुल्चा अब 40 से 50 रुपये में बेचना पड़ रहा है। कॉमर्शियल में 20 फीसदी की आपूर्ति से उनको राहत नहीं मिली है।
गैस भरवाने के रेट भी तीन गुना
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के बाहर फास्ट फूड का काम करने वाले संतोष कुमार ने बताया कि दुकान पर तो किसी तरह से काम चला रहे हैं। वैकल्पिक उपाय किए हैं। घर में गैस सिलिंडर के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने छोटा सिलिंडर भरवाया। पहले यह 300 रुपये में भर जाता था। इस बार उन्हें तीन से चार गुने दाम देने पड़े। बड़ा सिलिंडर भरवाने के लिए 2400 रुपये देने पड़े।
वर्जन-
जिले में कहीं भी गैस की कालाबाजारी होने की सूचना नहीं है। अगर कोई ब्लैक में गैस बेचता मिला तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है। लोग घबराएं नहीं। आराम से निर्धारित समय पर बुकिंग करें और आसानी से सिलिंडर पाएं। -मुकेश कुमार, नियंत्रक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग