नीलोखेड़ी। चीन के तिब्बत पर कब्जे और वहां की संस्कृति, धर्म व पहचान को खत्म करने की कोशिश के विरोध में निकाली जा रही ब्लैक हैट पदयात्रा बुधवार को नीलोखेड़ी पहुंची।
युवा भाजपा मंडल उपाध्यक्ष लुकेश शर्मा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश नेता लवप्रताप राणा ने पदयात्रा का स्वागत करते हुए तिब्बती समुदाय के संघर्ष का समर्थन किया। यात्रा का नेतृत्व कर रहे तिब्बती युवा कांग्रेस के अध्यक्ष त्सेरिंग चेम्फेल, उपप्रधान पाशी, सचिव भूगन और नावंग ने बताया कि वर्ष 1950 के बाद से चीन ने तिब्बत पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था और 1951 के समझौते के बाद वहां की शासन व्यवस्था भी अपने हाथ में ले ली। इसके बाद तिब्बती संस्कृति, भाषा और धार्मिक परंपराओं पर लगातार दबाव बढ़ता गया।
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उन्होंने कहा कि तिब्बत की पहचान को बचाने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाना जरूरी है। पदयात्रा में शामिल लोगों ने काले झंडे और तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और चीन की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
आयोजकों के अनुसार, यह पदयात्रा 31 मार्च को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से शुरू हुई थी और विभिन्न शहरों से गुजरते हुए 25 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगी। संवाद