फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाकियू ने किया एसडीओ दफ्तर का घेराव

Tue, 15 Oct 2013 12:09 AM IST
कुरुक्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र जिला के बाबैन में बिजली निगम के अधिकारियों द्वारा बिजली के बिल न भरने के कारण घरों के बिजली के कनेक्शन काटे जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला अध्यक्ष बलकार सिंह के नेतृत्व में उपमंडल अधिकारी के कार्यालय का घेराव किया।
विज्ञापन


इस दौरान उन्होंने बिजली निगम और हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर बिजली निगम के अधिकारियों का कहना कि बिल न भरने पर ये कनेक्शन काटे गए हैं।

भाकियू के जिला अध्यक्ष बलकार सिंह ने आरोप लगाया कि बिजली निगम के अधिकारी ग्रामीणों को जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बिजली के बकाया बिलों का आधा हिस्सा भरने के लिए तैयार है, परंतु विभाग के अधिकारी आधा बिल न भरवा कर लोगों को परेशान कर रहे हैं।
विज्ञापन


भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि किसान पहले ही मंडियों में धान न बिकने से परेशान हैं। इसके ही उन्हें मंडी में रुपये भी नहीं मिल रहे हैं, ऊपर से बिजली विभाग के अधिकारी भी उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चकचान पुर निवासी रामेश्वर बिजली विभाग को बकाया बिल का आधा बिल भुगतान करने के लिए तैयार था परंतु बिजली विभाग के अधिकारियों ने उससे आधा बिजली का बिल लेने की बजाए उसका बिजली का कनेक्शन ही काट दिया है।

भाकियू नेताओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग के अधिकारियों ने किसानों के प्रति अपना तानाशाही रवैया नहीं बदला तो भाकियू बड़ा आंदोलन चलाने से भी नहीं हिचकेगी।

बाद में मौके पर पहुंचकर भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने बिजली अधिकारियों से बातचीत की जो सिरे नहीं चढ़ सकी। इस मौके पर भाकियू के ब्लॉक प्रधान कृष्ण कुमार, विनोद कुमार, झंडू राम, लालचंद, गुरदयाल, सतपाल, हाकम सिंह, देवीचंद, अजमेर सिंह व श्याम लाल आदि किसान मौजूद रहे।

बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी राजेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि उनका विभाग किसानों के हितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के बिजली के बिल रुके हुए हैं उनके बिजली कनेक्शन ही काटे गए हैं।

उन्होंने कहा कि बाबैन कार्यालय का बकाया बिल 55 लाख रुपये से अधिक है जिसकी वसूली की जानी है। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे बकाया बिल जमा करवाए ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें