करनाल। निकाय चुनाव में नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के साथ ही भाजपा नगर निगम के दो वार्डों में जीत दर्ज करते हुए आगे बढ़ रही है। वहीं संगठनविहीन कांग्रेस चुनावी जंग जीतने के लिए नई जमीन तलाश रही है। नगर निगम में भाजपा ने तीसरी बार सदन में जगह बनाने के लिए ग्राउंड स्तर पर रणनीति बनाई है, बाकायदा वार्ड स्तर पर प्रभारी नियुक्त किए हैं।
इधर, भाजपा का किला भेदने का दावा करने वाली कांग्रेस के पास से उम्मीदवार तक हाथ से खिसक गए। यह स्थिति न केवल करनाल नगर निगम क्षेत्र की है, बल्कि इंद्री, नीलोखेड़ी और असंध नगर पालिका चुनाव में भी दिखाई पड़ रही है। यहां तो पार्टी ने अपना कोई उम्मीदवार भी नहीं उतारा है, जबकि भाजपा केवल अध्यक्ष पद पर मैदान में है।
बुधवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह से संपन्न होने के बाद भाजपा ने प्रत्येक वार्ड में जीत के लिए सामान्य संगठन के अलावा वार्ड प्रभारी और बूथ स्तर पर भी नई टीम मैदान में उतार दी है। जो घर-घर दस्तक देने लगी है। इसमें सीएम के पूर्व ओएसडी से लेकर केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि व पूर्व चेयरमैन और जिलाध्यक्ष को भी शामिल किया गया है।
वहीं कांग्रेस जिला संयोजक तरलोचन सिंह और पूर्व अध्यक्ष अशोक खुराना के पार्टी को अलविदा कहने के बाद अब पूर्व विधायकों के सहारे ही नगर निगम क्षेत्र में जोड़-तोड़ कर रही है। कांग्रेस की स्थिति तो यह है कि निगम के सभी 20 वार्डों में भी पार्टी के प्रत्याशी नहीं हैं। महज 15 प्रत्याशी ही उतारे गए हैं। इसके अलावा चार वार्डों में निर्दलियों को समर्थन दिया गया था, इनमें से भी वार्ड-11 का प्रत्याशी भाजपा को समर्थन देते हुए अपना नामांकन उनके पक्ष में वापस ले चुका है, जबकि वार्ड-8 पर जिसे टिकट दी गई थी, वह नामांकन करने की बजाय लापता हो गया था। वार्ड 18 के प्रत्याशी ने नामांकन वापस लिया है। उधर, इनेलो, जजपा और आप सहित अन्य दल तो चुनावी दंगल से ही बाहर हैं।
ओएसडी से लेकर पूर्व पार्षद तक बनाए वार्ड प्रभारी
वार्ड-01 में घरौंडा मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुभाष कश्यप, दो में मार्केट कमेटी के चेयरमैन रहे ईलम सिंह, तीन में मेहर सिंह कलामपुरा, चार में यशपाल ठाकुर, पांच में रमेश कश्यप, छह में राजेंद्र सिरसी और राजेंद्र आर्य, सात में पूर्व पार्षद दीपक गुप्ता, आठ में घरौंडा नगर पालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता, नौ में महामंत्री सुनील गोयत, 10 में लेखराज गर्ग, 11 में पूर्व मंडल अध्यक्ष अमनदीप विर्क, 12 में पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सुखीजा, 13 में महिला मोर्चा से मीना चौहान, 14 में एडवोकेट विजय वेदपाल, 15 में पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रवीण लाठर, 16 में स्वच्छ भारत मिशन के वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र, 17 में जंगबहादुर यादव, 18 में काछवा के सरपंच बिट्टू, 19 में सीएम के ओएसडी रहे संजय बठला और वार्ड-20 में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि कविंद्र राणा को प्रभारी लगाया गया है। इधर, कांग्रेस के प्रत्याशी की बैठकों में पूर्व मंत्री जयप्रकाश गुप्ता, पूर्व विधायक सुमिता सिंह, राकेश कांबोज, शमशेर सिंह गोगी आदि नेता दिखाई पड़ रहे हैं। इन्हीं की मदद एवं समर्थकों के सहारे कांग्रेस को संजीवनी की आस है।
वर्जन
भाजपा कर रही गुंडागर्दी : दिव्यांशु
भाजपा के नेताओं ने गुंडागर्दी करते हुए कांग्रेस के परिवार को तोड़ने का प्रयास किया है। भाजपा की ओर से मजबूती से लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव नहीं लड़ा जा रहा है। दबाव बनाकर नामांकन वापस कराए जा रहे हैं और पार्टी के वरिष्ठों को अपने पाले में करने का प्रयास हो रहा है।
- दिव्यांशु बुद्धिराजा, लोस प्रत्याशी एवं निकाय चुनाव समिति सदस्य
वर्जन
प्रभारियों ने मोर्चा संभाला : भाजपा
प्रत्येक वार्ड के लिए अलग से प्रभारी लगाया गया है। केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व के अनुसार ही कार्य किया जा रहा है। वार्ड एवं बूथ स्तरीय टीम में शामिल नेताओं के नाम टिकट वितरण के साथ ही कर दिए गए थे। वे फील्ड में सक्रिय तौर पर काम कर रहे हैं। दो वार्डों में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं।
- बृज गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा