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भाजपा का उपवास-धरना, किसानों ने किया विरोध

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भाजपा ने सतलुज यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) के पानी को लेकर किसान आंदोलन में सक्रिय भागीदारी कर रही पंजाब सरकार को घेरने के लिए करनाल लघु सचिवालय पर एक दिवसीय उपवास रखकर धरना दिया तो भारतीय किसान यूनियन व आंदोलन समर्थक भी भाजपा के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। किसान काले झंडे लेकर भाजपा व मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की ओर बढ़े तो टकराव की आशंका उत्पन्न हो गई। पुलिस ने वाहनों को खड़ा करके रास्ता रोका तो किसान सड़क ही धरने पर बैठ गए। पुलिस ने हल्की नोकझोक हुई।
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भाजपा कार्यकर्ताओं ने नए कृषि कानून समर्थक किसानों के साथ घरौड़ा विधायक हरविंदर कल्याण के नेतृत्व में लघु सचिवालय के सामने शनिवार सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक उपवास रखकर धरना दिया। मौके पर पहुंचे सांसद संजय भाटिया ने कहा कि पुराने कानून से कुछ खत्म नहीं किया है बल्कि और दिया गया है, वह यदि नहीं लेना है तो मत लो लेकिन विरोध किस बात का है। एसवाईएल के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा का हक देने को कहा लेकिन खुद को हरियाणा का बड़ा भाई बताने वाले पंजाब ने नहर को पाटना शुरू कर दिया। हम बड़े भाई की पूरी सेवा करेंगे, नहर खोलकर पानी तो आने दे। इंद्री विधायक राम कुमार कश्यम, पूर्व विधायक भगवान दास कबीरपंथी, मेयर रेणू बाला गुप्ता, पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम की चेयरमैन निर्मला बैरागी, जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, पूर्व जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, सुभाष चंद्र, कुंजपुरा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह, डिप्टी मेयर नवीन कुमार आदि नेताओं ने कहा कि भाजपा ने 17 साल पहले भी चंडीगढ़ में एसवाईएल के पानी की मांग को लेकर आंदोलन किया था। मौके पर प्रवीन लाठर, यशपाल ठाकुर, रघुवीर बतान, पार्षद युद्धवीर सैनी, भूपेंद्र नोतना, गोपाल, मुकेश अरोड़ा आदि शामिल रहे।
भाजपा के उपवास को भाकियू ने बताया नकली किसानों का नाटक नाटक
करनाल। एसवाईएल के मुद्दे पर भाजपा के एक दिवसीय उपवास व धरने के विरोध स्वरूप भारतीय किसान यूनियन (युवा) ने जाट भवन में प्रेस कांफ्रेस कर भाजपा के उपवास को नकली किसानों का नाटक बताया। बाद में काले झंडे लेकर मोदी-भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते लघु सचिवालय की ओर कूच किया तो प्रशासन में खलबली मच गई। पुलिस ने गाड़ियां रोड पर खड़ी कर किसानों को रोका तो उन्होंने वहीं बैठकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
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प्रेस कांफ्रेस में भाकियू (युवा) के जिलाध्यक्ष संदीप दहिया ने कहा कि भाजपा किसान आंदोलन को तोड़ने की साजिश कर रही है, वह पंजाब-हरियाणा के भाईचारे को खत्म करना चाहती है। एसवाईएल का पानी हरियाणा को चाहिए लेकिन पहले किसान को बचाना जरूरी है। जब किसान बचेगा, तभी पानी की जरूरत होगी। मुद्दा सही है लेकिन इसे उठाने का समय गलत है। इसके बाद जाट भवन से ही किसानों ने हाथों में काले झंडे लेकर किसान एकता, पंजाब-हरियाणा भाईचारा जिंदाबाद के साथ-साथ मोदी और भाजपा विरोधी नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की ओर कूच कर दिया। आनन-फानन में पुलिस ने अपनी ही गाड़ियों को रोड पर खड़ी करके रास्ता ब्लॉक कर दिया। भारी पुलिस बल ने किसानों को रोका। किसान शाम चार बजे वापस चले गए। इसमें संदीप नयन, सोनिया तंवर, भूपेंद्र सिंह लाडी, जगदीप सिंह, संदीप सिंह, नवाब सिंह, लक्ष्मण सिंह बिट्टू, जसवीर सिंह, प्रताप सिंह, राजा संधू आदि कई कई किसान मौजूद रहे। दिल्ली में किसानों के आंदोलन में शहादत देने वाले संत बाबा राम सिंह को भाजपा के एक दिवसीय उपवास में भाजपा नेताओं व किसानों ने 30 सेकेंड का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
भाजपा-भाकियू के धरने के कारण लगा जाम
लघु सचिवालय के सामने एक तरफ भाजपा का एक दिवसीय उपवास-धरना था। जिसमें बड़ी संख्या में लोग वाहनों से ही आए थे। हालांकि यहां सुबह से ही ट्रैफिक व्यवस्था पुलिस ने संभाल ली थी। लेकिन जब किसान काले झंडे लेकर पहुंचे और लघु सचिवालय के सामने वाले रोड पर धरना शुरू किया तो यह मार्ग भी जाम हो गया। हालांकि पुलिस ने रूट डायवर्ट भी कर दिया था लेकिन फिर भी जाम की स्थिति बनी रही।
पुलिस रही अलर्ट
पुलिस को शायद आशंका पहले से ही थी, इसलिए यहां भारी पुलिस बल तैनात था। भाजपा के उपवास स्थल पर कुछ किसान भूल से पहुंचे उन्हें भाकियू के धरने में जाना था लेकिन उपवास स्थल पर रुक गए तो उन्हें पुलिस ने तत्काल ही समझाकर वापस भेजा। पुलिस लगातार इस बात को लेकर भी सतर्क रही कि कहीं कोई भाजपा के उपवास में आकर विघ्न न डाल दे।
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