करनाल। निकाय चुनाव में नामांकन वापसी के दिन बुधवार को पंचायत भवन में भाजपा और कांग्रेस के नेता आपस में भिड़ गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाए कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके वार्ड नंबर 12 के प्रत्याशी का अपहरण करने की कोशिश की है। पहले उन पर जबरन पर्चा उठाने का दबाव बनाया गया। वे नहीं माने तो उनके साथ धक्का मुक्की कर उनकी शर्ट तक फाड़ दी गई। इसकी भनक कांग्रेसी नेताओं को लगी तो वे मौके पर पहुंच गए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी को उनकी ही गाड़ी में जबरन बैठाया। कांग्रेसी नेताओं को उनके ही प्रत्याशी से मिलने तक नहीं दिया। इसके बाद मौके पर पुलिस बुलाकर प्रत्याशी को छुड़वाना पड़ा। फिर कांग्रेसी नेता प्रत्याशी को लेकर एसपी के पास पहुंचे और भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप जड़ते हुए पुलिस को लिखित शिकायत देकर एसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
बता दें कि वार्ड 12 से कांग्रेस की टिकट पर जसपाल गोल्डी ने नामांकन किया है। जबकि भाजपा से मोनिक गर्ग प्रत्याशी हैं। इनके अलावा कोई प्रत्याशी नहीं है। कांग्रेसी प्रत्याशी जसपाल गोल्डी का आरोप है कि वार्ड से केवल दो प्रत्याशी होने के चलते उनके समाज समेत कुछ भाजपाई उन पर लगातार दबाव बना रहे थे कि वे अपना नामांकन उठा लें और सर्वसम्मति से एक ही पार्षद चुन लिया जाए। इसे लेकर उन्होंने जसपाल को बैठक के लिए पंचायत भवन बुलाया। उनका आरोप है कि जब वे पहुंचे और इस बात पर नहीं माने तो उनको जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया। उनका फोन बंद करा दिया गया। उनको किसी से मिलने तक नहीं दिया गया। इसकी भनक कांग्रेसी नेताओं को लग गई। मौके पर लोस प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा से लेकर मेयर प्रत्याशी मनोज वधवा मौके पर पहुंचे। आरोप है कि जसपाल को उनसे भी मिलने नहीं दिया गया। कांग्रेसी नेताओं ने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस आने के बाद प्रत्याशी को छोड़ा गया। इसके बाद कांग्रेसी नेताओं ने एसपी ऑफिस जाकर प्रकरण की शिकायत दी है।
कांग्रेसी नेता दिव्यांशु बुद्धिराजा, मनोज वधवा से लेकर पार्षद प्रत्याशी जसपाल गोल्डी का कहना है कि मौके पर भाजपा के दिग्गज नेता मौजूद थे। इनमें विधायक जगमोहन आनंद से लेकर अशोक खुराना और भाजपा जिला अध्यक्ष बृज गुप्ता भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर जसपाल पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया। इसके लिए उनको जिला परिषद दफ्तर में बुलाया गया। इसके बाद उनको भाजपा के 40-50 लोगों ने घेर लिया। गुंडई कर धक्का मुक्की करते हुए उनकी शर्ट फाड़ दी। जाने लगे तो भाजपा के लोग गाड़ी के बोनट पर चढ़ गए। ये देख उन्होंने गाड़ी के चारों दरवाजे लॉक किए। इसके बाद मौके पर पुलिस बुलाकर मुश्किल से वहां से निकले।
इन आरोपों पर भाजपा नेता और विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि कांग्रेसियों के आरोप निराधार हैं। हमें सूचना मिली थी कि कि वार्ड 12 में सर्वसम्मति चुनाव के लिए सभी लोग प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए भाजपा प्रत्याशी के समर्थक कांग्रेस प्रत्याशी को मना रहे थे। बीच में कहासुनी होने लगी। दोनों पक्षों के बीच वाद विवाद न बढ़े इसलिए हम मौके पर पहुंचे थे। यदि कांग्रेस प्रत्याशी को नामांकन उठाना ही नहीं था तो वे पंचायत भवन में पहुंचे ही क्यों। अगर उन्हें चुनाव लड़ना तो वहां जाना ही नहीं चाहिए था। इस बात का उनके पास जवाब नहीं है।