माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
पीएम और सीएम के पोस्टर पर काला रंग लगाने के मामले में आरोपी यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रजत लाठर सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रदर्शन प्रदेश के कई जिलों में हुआ था। भिवानी में प्रदर्शन के बाद हुई कार्रवाई में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष यूथ कांग्रेस के साथ तो हमारे जिलाध्यक्ष साथ क्यों नहीं हैं।
जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि हो सकता है जिलाध्यक्ष ने प्रदर्शन की जानकारी न होने या गलत होने की बात किसी दबाव में कही हो। यह उनकी व्यक्तिगत राय भी होगी। जबकि प्रदर्शन यूथ कांग्रेस का था और इसका वीडियो यूथ कांग्रेस के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी जारी किया गया था।
प्रदर्शन का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के नेताओं ने भी निंदा की थी। शहरी जिलाध्यक्ष पराग गाबा ने तो यहां तक कह दिया था कि ऐसे प्रदर्शन की उनको जानकारी नहीं थी, न ही यूथ कांग्रेस की ओर से अनुमति ली गई थी। ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रो. राजेश वैद्य ने कहा था कि कांग्रेस की विचारधारा लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को मानने वाली है। अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आजाद कराया था, इसलिए शालीन ही रहना चाहिए।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रजत लाठर का कहना है कि युवाओं में सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष है। इसी के लिए यह प्रदर्शन किया गया था। बिहार चुनाव में भाजपा कैसे जीती है, यह भी सभी के सामने है।
बोले, गद्दारों के नाम नेतृत्व को भेजेंगे
यूथ अध्यक्ष रजत लाठर ने कांग्रेस से भाजपा में गए तरलोचन सिंह का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी में रहते हुए चुनावों में पार्टी के साथ गद्दारी की थी। अब भी उनके जैसे कई लोग पार्टी में हैं, संगठन का ध्यान उनकी तरफ लाने की जरूरत है। इसे लेकर वे अपने नेतृत्व को पत्र भी लिखेंगे। अगर ऐसे लोग पार्टी के युवा जिलाध्यक्ष के साथ नहीं खड़े हो सकते तो यह स्थिति भी ठीक नहीं है।
अदालत से मिली जमानत
नए बस अड्डे पर लगे सरकारी योजना के फ्लैक्स पर छपी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीर पर काले रंग का स्प्रे करने वाले कांग्रेस यूथ के जिलाध्यक्ष रजत लाठर व अन्य युवक अशोक कुमार को 22 नवंबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दोनों को अदालत से उसी दिन जमानत भी मिल गई थी। 21 नवंबर को वारदात का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेता एवं हरियाणा अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन तरलोचन सिंह ने एसपी गंगाराम पूनिया से मुलाकात करके कार्रवाई की मांग की थी। उनकी शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद से भाजपा और कांग्रेस के नेता भी रजत लाठर के विरोध में आ गए थे।