डाचर तीर्थ पर गूंजे भजन और लोकगीत
- गीता जयंती महोत्सव में उमड़े लोग, सक्षम गिरी बोले- गीता जयंती अनूठा धार्मिक, आध्यात्मिक संगम
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में गीता जयंती महोत्सव की कड़ी में वीरवार को ऐतिहासिक डाचर और जलमाणा तीर्थ में गीता जयंती उत्सव मनाया गया। इस दौरान तीर्थ शंखनाद, भजन और लोक संगीत की धून से गूंज उठा। कलाकारों ने कृष्ण रास, कान्हा गुजरिया, भजन तथा हरियाणवी प्रस्तुतियां देकर माहौल को कृष्ण भक्ति से सराबोर कर दिया। मंच पर उतरी हर प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोगों ने तालियों और जयकारों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
गजेंद्र फौगाट ने बताया कि हरियाणा सरकार गीता जयंती के सफल संचालन कर रही है। डाचर के दक्षेश्वर तीर्थ के संचालक सक्षमगिरी महाराज ने कहा कि गीता जयंती जैसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक की धरोहर को संरक्षित करते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान, मूल्य और परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
सक्षम गिरी महाराज ने कहा कि गीता कोई युद्ध-ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला और आधुनिक युग की सबसे बड़ी थेरेपी है। यह वही पवित्र भूमि है जहां श्रीकृष्ण ने अर्जुन का हाथ थामकर कहा था कि खुद को खुद ही उठाओ। मौके पर जयपाल नंबरदार, करण देव, रमेश, पंकज शर्मा समेत अनेकों ग्रामीण उपस्थित रहे।