- गन्ना उत्पादक किसानों को वैज्ञानिकों ने दी हिदायत, प्राकृतिक खेती के सिखाए गुर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गन्ना उत्पादक किसानों को वैज्ञानिकों ने लाल सड़न से सावधान रहने और 15023 किस्म अपनाने की हिदायत दी है। गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल में पहुंचे उत्तर प्रदेश के किसानों को वैज्ञानिकों ने अब सीओ-0118 और सीओ-15023 किस्म को अपनाने की बात कही। किसानों को कुरुक्षेत्र के गुरुकुल ले जाकर उन्हें प्राकृतिक खेती के गुर सिखाए गए। किसानों का आह्वान किया गया कि जहरमुक्त खेती अब समय की आवश्यकता है।
यूपी के कई जिलों के गन्ना उत्पादक किसान इन दिनों गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल में उन्नत गन्ना खेती का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सुबह के सत्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.रविंद्र कुमार ने खेतों पर ले जाकर उन्हें गन्ने की किस्मों व बीमारियों को पहचानने के गुर सिखाए तो इस दौरान उन्होंने कहा कि गन्ना किस्म सीओ-0238 में लाल सड़न का प्रकोप देखा जा रहा है, इसलिए किसान अब सीओ-0118 व सीओ-15023 को अपनाएं। ये किस्में सीओ-0238 का ही विकल्प ही है।
उन्होंने बताया कि सीओ 0118 व 15023 में फर्क इतना है कि 0118 की पत्तियों पर कांटेदार रेशे होते हैं, जबकि 15023 की पत्तियों पर नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि 15023 किस्म इसी केंद्र द्वारा तैयार की गई किस्म है, जो अतिशीघ्र चीनी संचयन वाली है। इससे किसानों की पैदावार तो बढ़ती ही है, चीनी मिलों का भी फायदा होता है।
उन्होंने ये भी बताया कि इस किस्म को किसान अपना भी रहे हैं, इसके लिए पूर्वी व मध्य उत्तर प्रदेश में खासा उत्साह भी देखा जा रहा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि सीओ 0238 में जहां लाल सड़न रोग नहीं है, वहां भी किसान यदि इस किस्म को बोते हैं तो वह बीज को उपचारित करके ही बोएं। इसके लिए थायोफिनाइट मिथाइल (फफूंद नाशक) व कार्बेंडाजिन (कीटनाशक) को 0.05 ग्राम प्रति लीटर की दर से मिलाकर उपचारित करें।
इसके बाद किसानों को लाल वहादुर शास्त्री गन्ना संस्थान लखनऊ के सहायक निदेशक व यात्रा प्रबंधक ओमप्रकाश गुप्ता की अगुवाई में कुरुक्षेत्र के गुरुकुल में ले जाया गया। यहां किसानों को प्राकृतिक खेती की जानकारी दी गई। यहां खेतों में प्राकृतिक खेती के कई प्रयोगों, तकनीकियों को किसानों को बारीकी से समझाते हुए आह्वान किया गया कि वह प्राकृतिक खेती को अपनाएं।
कुरुक्षेत्र। पटवारियों और कानूनगो को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के न
कुरुक्षेत्र। पटवारियों और कानूनगो को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के न
कुरुक्षेत्र। पटवारियों और कानूनगो को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के न