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सट्टेबाजी का अड्डा : एसपी ने शुरू की पुलिस की भूमिका की जांच

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- मुख्य आरोपी रिंकू पुलिस की पकड़ से बाहर, एक निजी अस्पताल का भी करता था संचालन
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- छापे के बाद सीएम फ्लाइंग के डीएसपी ने प्रशासन की मिलीभगत का जताया था अंदेशा
संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल। सीएम फ्लाइंग की ओर से घरौंडा की पासी राम काॅलोनी में पकड़े गए सट्टेबाजी के अड्डे के मामले में एसपी गंगाराम पूनिया ने घरौंड़ा थाना के अलावा प्रशासनिक भूमिका की जांच शुरू कर दी है। क्योंकि सीएम फ्लाइंग के डीएसपी सुशील कुमार ने सट्टेबाजी का अड्डा चलाने में प्रशासन के सहयोग संबंधी इनपुट मिलने की बात कही थी। जांच में किसी की संलिप्तता पाए जाने पर कार्रवाई होगी। फिलहाल पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले सट्टे का अड्डा किस क्षेत्र में और कितने समय से चलाया जा रहा था। मुख्य आरोपी रिंकू करनाल में एक निजी अस्पताल का संचालन भी करता है। आरोपी ने घरौंडा कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
इसके अलावा दूसरे जिलों में भी आरोपी रिंकू ने अन्य ठिकाना बनाया है या फिर एक बार में एक जगह पर ही सट्टा खेला जाता था। इसकी जांच की जा रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि जिस प्रकार करनाल में दूसरे जिलों और राज्यों के लोग आते थे, उससे साफ है कि दूसरे जिलों में भी नेटवर्क चल रहा होगा। एक मकान के अंदर एक साथ 55 लोगों को 12 लाख रुपये की राशि के साथ पकड़ा जाना बिना किसी संरक्षण के असंभव है। पुलिस विभाग के अलावा जिले में किसी प्रभावशाली व्यक्ति या अधिकारी की संलिप्तता की भी जांच जारी है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि उनके क्षेत्र में भी ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए।
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रिंकू को पकड़ना बना चुनौती
सट्टेबाजी के अड्डे के मास्टरमाइंड रिंकू की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी है। पहले घरौंडा पुलिस थाना से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर चल रहे सट्टेबाजी के अड्डे का पता नहीं लगा पाई। अब तीन दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी रिंकू पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। रिंकू की गिरफ्तारी के बाद पता लगेगा कि वह प्रशासन के कौन से अधिकारी की मिलीभगत से यह नेटवर्क चला रहा था। रिंकू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने घरौंडा व सीआईए की टीमों का गठन किया है।

सुरक्षा एजेंट की भूमिका पर सवाल
पुलिस विभाग ने प्रत्येक थाने की गतिविधि और जुआरियों व नशा तस्करों की जानकारी के लिए सिक्योरिटी एजेंट लगाए हैं। उनका थाने के किसी केस की जांच से कोई लेना देना नहीं होता। वह थाना के अंदर पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधियों संबंधी निगरानी करते हैं। लेकिन इस मामले में सिक्योरिटी एजेंट को भी सट्टे की भनक नहीं लग पाई। अगर समय रहते एसए इसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा देता तो सीएम फ्लाइंग से पहले पुलिस ही इस अड्डे को पकड़ सकती थी। इससे एजेंट की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। सभी एंगल पर जांच चल रही है।
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घरौंडा में सट्टेबाजी के मामले में प्रशासन के सहयोग की बात सामने आने के बाद जांच शुरू कर दी है। अभी जांच प्रारंभिक चरण में है। यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

- गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल
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