करनाल। गणेश उत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर शहरभर में श्रद्धा और भावुकता का संगम देखने को मिला। 12 दिनों तक विराजमान गणपति बप्पा को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से विदाई दी। विभिन्न क्षेत्रों से निकली शोभायात्राएं गाजे-बाजे और डीजे की धुन पर पश्चिमी यमुना नहर तक पहुंचीं, जहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
विसर्जन यात्रा के दौरान श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया.. और अगले वर्ष तू जल्दी आ.. के जयघोष लगाते रहे। नहर किनारे पहुंचकर पहले गणपति बप्पा की आरती की गई और भोग अर्पित किया गया। इसके बाद विसर्जन किया गया। सेक्टर-13 स्थित कालड़ा मार्केट, सदर बाजार-जवाहर मार्केट मित्र मंडल, ककीलपुरा ब्रदर्स ग्रुप, हनुमान गली अमरजीत ग्रुप और जनकपुरी के राधे-राधे क्लब सहित कई स्थानों से शोभायात्राएं निकाली गईं। आकर्षक झांकियों और रंग-गुलाल के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते हुए आगे बढ़ते रहे। शाम के समय श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा की आरती कर उन्हें अगले वर्ष फिर से जल्दी आने का न्योता दिया ।
भावुक हो रो पड़ी मानवी, रिया और मनीषा
जनकपुरी के राधे राधे क्लब की नन्ही बच्चियों ने पहली बार गणेश जी की प्रतिमा की 12 दिनों तक सुबह-शाम पूजा की। शुक्रवार दोपहर को गाजे बाजे के साथ उनकी प्रधान मनीषा सहित सभी सदस्य पश्चिमी यमुना नहर पहुंचे और बप्पा को बाय कर अगले वर्ष जल्दी आने का न्योता दे विदाई दी। रिया, मानवी, मनीषा और अन्य हंसते-हंसते भावुक हो रो पड़े। उनका कहना था कि इन 12 दिनों में उन्हें गणेश जी से भाई जैसा प्यार हो गया था।
विसर्जन यात्राओं से शहर जाम
करनाल। गणेश विसर्जन के अवसर पर शुक्रवार को निकाली गई शोभायात्राओं के चलते शहर की यातायात व्यवस्था दिनभर चरमराई रही। कैथल रोड और काछवा रोड रेलवे फ्लाईओवर पर लंबे समय तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। काछवा रोड से कैथल रोड और पश्चिमी यमुना नहर की ओर जाने वाली सड़क पर भी जाम के हालात बने रहे। शोभायात्राओं के गुजरने के दौरान कई मार्गों पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई। खासकर दफ्तर से लौटने वाले और जरूरी कार्यों से निकलने वाले लोग अधिक प्रभावित हुए। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। संवाद
पश्चिमी यमुना नहर पर गाजे बाजे के साथ नाचते हुए अपने गणेश जी की प्रतिमा का सिर्जन करने जाती मं
पश्चिमी यमुना नहर पर गाजे बाजे के साथ नाचते हुए अपने गणेश जी की प्रतिमा का सिर्जन करने जाती मं
पश्चिमी यमुना नहर पर गाजे बाजे के साथ नाचते हुए अपने गणेश जी की प्रतिमा का सिर्जन करने जाती मं