करनाल। सरकारी बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे और आखिरी दिन मंगलवार को भी जिले के बैंकों की करीब 200 शाखाओं पर ताले लटके रहे।
इंडियन बैंक के बाहर बैंक कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी। इस दौरान बैंक कर्मियों ने कहा कि कुछ भी हो जाए, वे अपनी मांगों को हर हाल में लागू करवा कर रहेंगे। दूसरी ओर, हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी लेन देने ठप रहने से करीब ढाई से तीन लाख उपभोक्ता बेहाल रहे। दो दिन दिन में करीब आठ अरब रुपये का लेन देन ठप पड़ा रहा। सोमवार की तरह मंगलवार को भी निजी क्षेत्र और हरियाणा सरकार के बैंकों में सामान्य कामकाज चलता रहा। इससे पहले, सोमवार की तरह मंगलवार को भी बैंक कर्मी इंडियन बैंक के बाहर जमा हो गए।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले एकत्रित हुए जिला भर के बैंक कर्मियों ने आईबीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और साफ कहा कि आईबीए के कारण ही बैंक कर्मियों की फजीहत हो रही है। बैंक अधिकारियों और कर्मियों को हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
आईबीए सही भूमिका अदा करता तो हड़ताल की नौबत कभी नहीं आती। यूएफबीयू के राज्य उपाध्यक्ष बीएन शर्मा, सिंडिकेट बैंक एंप्लाइज यूनियन के राज्य चेयरमैन प्रमोद गुप्ता, पंजाब एंड सिंध बैंक के राज्य महासचिव सतवंत सिंह और स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर के राज्य महासचिव प्रताप सिंह ने अपने-अपने संबोंधन में कहा बैंक अधिकारी और कर्मियों की ताकत विरोध में मांग पूरी नहीं होने से कमजोर नहीं पड़ी है।
उन लोगों की ताकत और बढ़ने के साथ सरकार के खिलाफ नाराजगी भी बढ़ी है। अल्टीमेटम के अनुसार भले ही हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई, लेकिन अधिकारियों और कर्मियों ने अपनी मांग नहीं छोड़ी है। मांग पूरी कराने के लिए वह लोग अपनी आगामी रणनीति बना रहे हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी पूरा काम कर रही है।