संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े डॉक्टरों व अधिकारियों को आगामी केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कर्मियों का मानना है कि इस बार बजट में भर्ती, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा संसाधनों के साथ बढ़ती जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आगामी बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीद है। इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
- हर जिले में खुलना चाहिए आयुर्वेदिक अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल से आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर डाॅ. सुनील ने कहा कि हर बार बजट में एलोपैथी दवाओं और इलाज पर बात होती है लेकिन आयुर्वेदिक इलाज केवल बातों तक सीमित रह जाता है। लोगों के आयुर्वेदिक उपचार पर बढ़ते भरोसे को देखते हुए केंद्र सरकार को हर जिले में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल खोलने और मौजूदा आयुष केंद्रों की सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है। फिलहाल प्रदेश में एक भी जिला आयुर्वेदिक अस्पताल नहीं हैं।
- डॉक्टरों की ट्रेनिंग के होने चाहिए विशेष प्रावधान
नागरिक अस्पताल से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने कहा कि डॉक्टरों की आगे की ट्रेनिंग, नई तकनीकों से परिचय और कौशल विकास के लिए बजट में विशेष प्रावधान होने चाहिए। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव हो पाएगा। केंद्रीय बजट में इन क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलती है तो दूर-दराज के इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं। उम्मीद है कि आगामी बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
- सरकारी डॉक्टरों के वेतन में वृद्धि की उम्मीद
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर ने कहा कि सरकारी डॉक्टरों के वेतन और कार्य परिस्थितियों को लेकर भी बजट में सकारात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद है। लंबे समय से डॉक्टर बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और व्यावसायिक विकास की मांग कर रहे हैं। डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन और नई चिकित्सा तकनीकों के प्रयोग को बढ़ावा मिलना चाहिए। यदि बजट में इन क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलती है तो सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी हैं।
- प्रदेश में फार्मासिस्ट पदों पर भर्ती की उम्मीद
एसोसिएशन ऑफ गवर्नमेंट फार्मेसी अधिकारी करनाल के जिला प्रधान राजेश सिंगला ने कहा कि प्रदेश में फार्मासिस्ट की भारी कमी है। प्रदेशभर में करीब 1100 पद हैं, जिनमें से करीब 450 पद रिक्त पड़े हैं जिन पर सालों से नहीं भर्ती नहीं की गई। वहीं करनाल में करीब 76 पद हैं, जिनमें से 46 खाली हैं। आगामी केंद्र के बजट से यही उम्मीद है कि फार्मासिस्ट के पदों को भरा जाए, जिसकी काफी समय से मांग की जा रही है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
- नई सुविधाओं को शुरू करने की उम्मीद
नेत्र रोग सर्जन डॉ. आशुतोष मित्तल ने कहा कि वैसे तो सरकार ने काफी हद तक स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार किया है। चाहे वह इंफ्रास्ट्रक्चर हो या नई मशीनों की उपलब्धता। लेकिन फिर इसके लिए जगह की कमी रह जाती है। बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार होना चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के लिए विभाग को जितनी जगह मिलेगी, वहां सुविधाएं उतनी ही उपलब्ध हो पाएंगी। उम्मीद है कि इस ओर ध्यान दिया जाए।